
पाकिस्तान में सबसे बड़े एयरपोर्ट को बनने में 11 साल का वक्त लग गया, बावजूद इसके एयरपोर्ट पर आज भी पूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं. इन सबके बीच सुरक्षा चिंताओं को दरकिनार करते हुए इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 20 अप्रैल को उद्घाटन करने का फैसला किया गया है.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए एयरपोर्ट का उद्घाटन जल्दी करने का फैसला किया है, क्योंकि पहले ही काफी देर हो चुकी है. प्रोजेक्ट 2007 में लॉन्च किया गया था और इसे 2010 में पूरा हो जाना था. लेकिन इसे तैयार होने में 8 साल अधिक लग गए. एयरपोर्ट पर अब भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है. पास में होटल भी नहीं हैं.
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पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर अब भी बेसिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. सरकार ने पहले भी उद्घाटन के लिए कई डेडलाइन दी थी, लेकिन काम पूरा नहीं होने की वजह से टाल दिया.
लेकिन अब सरकार ने तमाम कमियों के बावजूद इसका उद्घाटन करने का फैसला किया है. इस एयरपोर्ट पर सालाना 90 लाख पैसेंजर आ सकेंगे, हालांकि बाद में इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकेगी. पुराने एयरपोर्ट पर जहां 1400 पैसेंजर की बैठने की व्यवस्था थी, वहीं नए एयरपोर्ट पर 5 हजार से अधिक लोग बैठ सकते हैं.
नए एयरपोर्ट को पाकिस्तान का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बताया जा रहा है. 20 अप्रैल से यहां उड़ानें आ-जा सकेंगी. इस एयरपोर्ट को Y शेप में बनाया गया है. इस्लामाबाद के जीरो प्वाइंट से इसकी दूरी 20 किमी है. जबकि रावलपिंडी के सदर से 25 किमी दूर है. रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया गया है.