
राजस्थान के जयपुर में पीसीपीएनडीटी सेल ने भ्रूण लिंग की फर्जी जांच करने वाले एक फर्जी डॉक्टर समेत दो को गिरफ्तार किया है. गिरफ्त में आए आरोपी बगैर किसी डिग्री और सोनोग्राफी मशीन के झूठी रिपोर्ट तैयार करते थे और फिर गर्भपात करवाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठते थे.
राजस्थान स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नवीन जैन ने बताया कि विभाग को जयपुर के चोमूं में अवैध रूप से भ्रूण के लिंग की जांच करने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि के बाद प्लान के तहत एक गर्भवती महिला सहित राज्य निरीक्षण दल को चोमूं भेजा गया. गर्भवती महिला का पति बनकर गए विभाग कर्मचारी ने कथित दलाल अनिल से संपर्क किया.
अनिल महिला और उसके पति को रामकिशोर खटीक नाम के एक शख्स के घर ले गया. रामकिशोर खटीक के घर लैपटॉप और लकड़ी से बनी फर्जी मशीनों द्वारा भ्रूण लिंग जांच करने के बाद गर्भपात के लिए 17 हजार रुपये में बात तय की गई. दलाल अनिल को 17 हजार रुपये दे दिए गए. महिला के पति बनकर गए विभाग कर्मचारी ने फौरन पीसीपीएनडीटी सेल की टीम को सूचना दी.
टीम ने मौके पर पहुंचकर रामकिशोर और अनिल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम ने आरोपियों के पास से गर्भपात के लिए दिए गए रुपये भी बरामद कर लिए. वहीं टीम ने मौके से बरामद फर्जी मशीनें, लैपटॉप और दो बाइक्स जब्त कर ली हैं. बताते चलें कि भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ पीसीपीएनडीटी सेल राज्य में अभी तक 55 ऑपरेशन कर इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर चुका है.