
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पहली बार टाउनहॉल में जनता के सवालों के जवाब दिए. पीएम मोदी से देश के अलग राज्यों के 9 लोगों ने सुशासन, अर्थव्यवस्था, सेहत, कृषि, किसानी, विदेश नीति और पर्यटन जैसे 9 मुद्दों पर सीधे सवाल किए. पीएम ने इन सवालों के जवाब तो दिए ही, मोदी ने इस मंच का इस्तेमाल देश में गोरक्षा के नाम पर आतंक फैला रहे लोगों को आड़े हाथ लेने के लिए भी किया.
गोरक्षकों ने खोल रखी हैं दुकानें
पीएम मोदी ने कहा, 'गोरक्षा के नाम पर कुछ लोग अपनी दुकाने खोलकर बैठे हैं. गोसेवक बनने वाले लोगों पर मुझे बहुत गुस्सा आता है. पुराने जमाने में बादशाहों और राजाओं की लड़ाई होती थी. बादशाह युद्ध के समय आगे गाय रखते थे और जीत जाते थे. कुछ लोग रात को गोरखधंधे करते हैं और दिन में गोरक्षक का चोला पहन लेते हैं. 80 फीसदी गोसेवक गोरखधंधा करने वाले होते हैं. अपनी बुराइयों से बचने के लिए गोरक्षक का चोला पहन लेते हैं. गाय सबसे ज्यादा प्लास्टिक खाने से मरती हैं. खुद को गोरक्षक बताने वाले अगर लोगों से प्लास्टिक फेंकना बंद करवा दें तो वो ही बहुत है.'
भारत की विविधता से मिल सकता है टूरिज्म को बढ़ावा
कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली एक एनआरआई महिला ने पर्यटन को लेकर पीएम मोदी से सवाल किया तो उन्होंने जवाब में कहा, 'पिछले साल 40 लाख से ज्यादा पर्यटक भारत आए. स्वच्छ भारत अभियान की वजह से इसे बढ़ावा मिला. सफाई से टूरिज्म को फायदा मिल रहा है. भारत की विरासत को लेकर दुनिया को आकर्षित करना होगा. भारत की विविधता की मार्केटिंग की जाए तो हम लोगों को पागल कर सकते हैं. विरासत से जितना लोगों को जोड़ेंगे उतना ही फायदा मिलेगा. हमारे पास जितना है, अगर सिर्फ उसी पर फोकस किया जाए तो टूरिज्म को बहुत बढ़ावा मिलेगा. विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इसमें योगदान कर सकते हैं. वो 5 विदेशी परिवारों को भारत जाने के लिए मना सकते हैं, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.'
आत्मा गांव की, सुविधा शहर की
पीएम मोदी ने कहा, 'देश में शब्दों की राजनीति करने वाले कम नहीं हैं. स्मार्ट सिटी की बात होती है तो पूछते हैं कि स्मार्ट विलेज पर बात क्यों नहीं होती. स्मार्ट सिटी का अलग कॉन्सेप्ट है लेकिन गांव की स्थिति भी बदलनी चाहिए. शहरों में मिलने वाली सुविधाएं गांव को भी मिलनी चाहिए. अर्बन मिशन में 300 ग्रामीण जगहों का चुनाव किया है. आत्मा गांव की सुविधा शहर की होनी चाहिए लेकिन देश में गांव मरना नहीं चाहिए.'
खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन
7 अगस्त को हैंडलूम डे है, जिसे पिछले साल से शुरू किया गया है. महात्मा गांधी के नेतृत्व में विदेशी कपड़ों की होली और विदेशी का मंत्र. कपड़ों पर खर्च करने वाले पैसे में से 5 फीसदी भी लोग हैंडलूम पर खर्च करें तो मजदूरों को फायदा होगा और हैंडलूम सेक्टर में बेरोजगारी दूर हो सकती है. इससे गरीब लोगों को मदद मिलेगी. लोग 2 अक्टूबर को कुछ न कुछ खादी जरूर खरीदें. गरीब बुनकरों के लिए कुछ करें तो बहुत बदलाव आएगा.
आधुनिक कृषि से जुड़ना होगा
कृषि क्षेत्र से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. आज भी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में कृषि का बड़ा योगदान है. हमें आधुनिक कृषि से जुड़ना होगा और परंपरागत खेता से बाहर निकलना होगा. किसानों का शिक्षित देने का काम चल रहा है. बनावटी चीजों में फंस जाते हैं किसान. बहुफसली खेती पर बल देने की कोशिश की जा रही है. नई पीढ़ियां कृषि क्षेत्र में आ रही हैं.
तेज गति से बढ़ रही है अर्थव्यवस्था
भारत तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था. पूरे विश्व में मंदी का दौर चल रहा है और उसके बावजूद 7.5 फीसदी की ग्रोथ पाना बड़ी कामयाबी है. देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है और आर्थिक विकास हो रहा है. परिवार की तरह की देश की अर्थव्यवस्था है.
टूरिज्म को बढ़ावा देने से बढ़ेगा रोजगार
अगर टूरिज्म को बढ़ावा दें तो विरासत से फायदा होगा. और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. अगर हम 30 साल तक 8 फीसदी ग्रोथ देख लें तो तो जिसका हम सपना देखते हैं तो वो हमारा हो सकता है और दुनिया हमारे कदमों में आ सकती है. सोलर एनर्जी पर बल देने से भी ग्रोथ रेट बढ़ेगा.
प्रीवेंटिव हेल्थकेयर पर देना होगा ध्यान
सेहत के मामले में हर कोई दूसरों को सलाह देता है लेकिन खुद उसका पालन नहीं करता. पहले एक ही वैद्य पूरे गांव का इलाज करता था लेकिन आज हर बीमारी का डॉक्टर अलग है लेकिन फिर भी बीमारियां बढ़ रही हैं. हमें बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान नहीं देते. प्रीवेंटिव हेल्थ केयर पर ध्यान देना होगा, योग पर ध्यान देना होगा.
सुशासन लाने के लिए काम कर रहे हैं
लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण ताकत है कि क्या सरकार जनता की परेशानियों पर रिस्पॉन्स करती है? सामान्य नागरिक की शिकायत सुनने की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए और तय समय पर उसको दूर भी किया जाना चाहिए. सुशासन की दृष्टि से हम इसपर काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान से बीमारियां भागेंगी. बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी लोगों में उदासीनता है. घर-घर जाकर टीकाकरण का काम चल रहे हैं.
जिम्मेदार की जवाबदेही, तब आएगा सुशासन
सुशासन हमारे देश में एक दुर्भाग्य हैं. कुछ ओपीनियन मेकर हर बात पीएम मोदी से जवाब मांगते हैं चाहे वो पंचायत, नगर पालिका, महानगर पालिका या राज्यों के स्तर पर हो. राजनीति और टीआरपी के लिए ये ठीक हो सकता है लेकिन उसकी वजह से पंचायत, नगर पालिका, महानगर पालिका, राज्यों को लगता है कि उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई. सुशासन का सही तरीका है कि जिसकी जो जिम्मेदारी है, उससे उसका जवाब मांगा जाए, तब जाकर सुधार होगा. सुसाशन में अनिवार्य है कि जिसकी जिम्मेदारी हो, उसकी जवाबदेही हो.
सिर्फ अगला चुनाव जीतने पर होता है सरकारों का ध्यान
पीएम मोदी ने पहले सवाल के जवाब में कहा, 'जनभागीदारी वाला लोकतंत्र भारत जैसे विशाल देश में आवश्यक है. तकनीक के कारण ये सहज संभव हुआ है. स्वच्छ भारत अभियान जनभागीदारी का बेहतरीन उदाहरण है. राजनीति में ज्यादातर चुनाव जीतने के बाद सरकारों का इस बात पर ध्यान रहता है कि वो अगला चुनाव कैसे जीतें, इसलिए उनकी योजनाओं की प्राथमिकता जनाधार बढ़ाने पर रहती हैं. लेकिन ये लंबे समय तक नहीं चल सकता.'
PMO App का उद्घाटन
पीएम मोदी ने नागरिकों की सहूलियत के लिए बनाए गए PMO ऐप का उद्घाटन किया. देशभर से करीब 50000 सुझावों के बाद इसको तैयार किया गया है और 6 छात्रों ने मिलकर इसे बनाया है. पीएम मोदी ने इन 6 छात्रों को सम्मानित किया.इस ऐप के जरिए 10 भाषाओं में पीएमओ की जानकारियां लोगों को मिल सकेंगी.
सुझाव देने वालों को पीएम ने दिए पुरस्कार
पीएम मोदी ने संबोधन से पहले उन लोगों को सम्मानित किया जिन्होंने mygov.in पर देश के लिए सुझाव दिए थे. इन लोगों को सर्टिफिकेट के साथ-साथ पुरस्कार राशि भी दी. इन लोगों ने देश की बेहतरी के लिए पीएम मोदी को सुझाव देने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और पीएम ने 'मन की बात' में इनके सुझावों का जिक्र भी किया था.
केंद्र सरकार के mygov.in के दो साल पूरे होने के मौके पर पहली बार टाउनहॉल का आयोजन किया गया था.