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जगन्नाथ मंदिर में फिर बंटेगा महाप्रसाद, रसोइयों ने वापस ली हड़ताल

एक रसोइए की गिरफ्तारी के बाद पुरी जगन्नाथ मंदिर में हड़ताल पर गए रसोइयों ने मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली है. इस कारण बीते दो दिनों से श्रद्धालुओं को मंदिर का प्रसाद नहीं मिल पा रहा था. सौर महासौर निजोग के अध्यक्ष भगवान सौर ने बताया कि बुधवार से प्रसाद बनाने का काम शुरू हो जाएगा. यह पहली बार है जब श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रसाद नहीं बेचा गया.

जगन्नाथ मंदिर की फाइल फोटो जगन्नाथ मंदिर की फाइल फोटो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2015,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

एक रसोइए की गिरफ्तारी के बाद पुरी जगन्नाथ मंदिर में हड़ताल पर गए रसोइयों ने मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली है. इस कारण बीते दो दिनों से श्रद्धालुओं को मंदिर का प्रसाद नहीं मिल पा रहा था. सौर महासौर निजोग के अध्यक्ष भगवान सौर ने बताया कि बुधवार से प्रसाद बनाने का काम शुरू हो जाएगा. यह पहली बार है जब श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रसाद नहीं बेचा गया.

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गौरतलब है कि रविवार को एक रसाइए को मंदिर परिसर के बाहर आनंद बाजार में महाप्रसाद बेचते हुए पकड़ा गया. इसके बाद रसोइए को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी खि‍लाफत करते हुए रसोइयों ने हड़ताल कर दी. मंदिर में हर दिन 100 निजोग सदस्य करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद बनाने का काम करते हैं.

मंदिर में जगह की है कमी
भगवान सौर ने बताया कि मंदिर परिसर में प्रसाद बेचने के लिए जगह की कमी है. इस बाबत मंदिर प्रशासन से कई बार शि‍कायत भी की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा, 'हमारे लोगों को मंदिर में अलग-अलग जगहों पर बैठकर महाप्रसाद बेचना पड़ता है. ऐसे में प्रशासन को ऐसी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी.'

दूसरी ओर, सीनियर ब्यूरोक्रेट और मंदिर में विशेष कार्य अधि‍कारी सुरेश महापात्रा ने कहा है कि महाप्रसाद को सही तरीके से बचेने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं.

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