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इस पदाधिकारी ने राहुल के खिलाफ यह मामला कथित तौर पर यह कहने के कारण दायर किया कि महात्मा गांधी का हत्यारा आरएसएस का एक सदस्य था. मजिस्ट्रेट डी पी काले ने राहुल को आठ मई या उससे पहले अदालत में पेश होने का निर्देश दिया.
इस मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होगी. राहुल के वकीलों ने एक शपथ पत्र दिया कि वह आठ मई या उससे पहले अदालत में पेश होंगे. कांग्रेस नेता इस समय अवकाश पर हैं और वह कहां हैं इसे लेकर मीडिया में अटकलें और टिप्पणियां जारी हैं.
इससे पहले राहुल के वकीलों नारायण अय्यर और पीके ढाकेफालकर की अर्जी पर उन्हें अदालत में कुछ सुनवाइयों के दौरान पेशी से छूट मिल गई थी. शिकायतकर्ता राजेश कुंटे ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता ने पिछले वर्ष छह मार्च को जिले के सोनाले में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने महात्मा गांधी की हत्या की थी.
कुंटे आरएसएस की भिवंडी इकाई के सचिव हैं. कुंटे की ओर से शिकायत दायर किये जाने के बाद मजिस्ट्रेट ने राहुल को अदालत में पेश होने के लिए एक नोटिस जारी किया था. इस पर राहुल पेशी से छूट और शिकायत रद्द करने की मांग को लेकर बम्बई उच्च न्यायालय चले गए थे.
उच्च न्यायालय ने पिछले महीने राहुल की याचिका खारिज कर दी और कहा कि 'प्रथम दृष्टया' ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल का इरादा अपने आरोप से आरएसएस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का था.
- इनपुट IANS