
नाबालिग से रेप के जुर्म उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम नई मुसीबत में फंस गए हैं. जेल से आश्रम फोन कर लाइव प्रवचन दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है और जेल प्रशासन आसाराम के खिलाफ सख्त हो गया है. जेल से फोन पर 'लाइव प्रवचन' देने को लेकर जेल प्रशासन ने आसाराम को चेतावनी दी है कि आगे से फोन पर बात करने का अधिकार भी उनसे छीना जा सकता है.
साथ ही वायरल हुए आसाराम के इस लाइव प्रवचन मामले पर जेल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं. जोधपुर जेल के ADG भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में ही कुछ बातें सामने आई हैं. अगर फोन पर बातचीत की जगह भक्तों को संबोधित कर प्रवचन देने के मामले में आसाराम की संलिप्तता पाई गई तो आगे से फोन पर बात करने का उनका यह अधिकार छीन लिया जाएगा.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की से रेप के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे जोधपुर जेल में बंद आसाराम का एक शुक्रवार की शाम 17 मिनट का एक ऑडियो वायरल हुआ है. कहा जा रहा है कि यह ऑडियो उम्रकैद की सजा पाने के बाद की है और जेल के अंदर से ही आसाराम अपने भक्तों को फोन पर सीधे प्रवचन दे रहा है.
आसाराम का यह लाइव ऑडियो प्रवचन उसके फेसबुक पेज और मोबाइल एप 'मंगलमय' पर भी थोड़ी देर के लिए शेयर किया गया. लेकिन बवाल खड़ा होता देख इसे थोड़ी ही देर बाद हटा लिया गया. इस ऑडियो में सुना जा सकता है कि आसाराम कह रहा है कि वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगा और निचली अदालत द्वारा मिली सजा को ऊपरी अदालत रद्द कर देगी.
अब ये महिला संभाल रही आसाराम का साम्राज्य
बताया जा रहा है कि यह आसाराम का ऑडियो संदेश शुक्रवार की शाम प्रसारित हुआ. वायरल हुए इस ऑडियो प्रवचन में आसाराम को यह कहते सुना जा सकता है कि 'यह पूरी केस ही साजिश है. पहले में बेटी शिल्पी को निकलवाऊंगा, फिर शरत को. उसके बाद हम तुम्हारे बीच आ जाएंगे.'
आसाराम का लाइव ऑडियो प्रवचन सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. जोधपुर जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि कल आसाराम ने शाम को 6:30 बजे अपने कैदी के अधिकार को इस्तेमाल करते हुए साबरमती आश्रम में फोन पर बात की थी.
उन्होंने बताया कि हर कैदी को हक है की वह 120 रुपए जमा कर महीने में 80 मिनट तक अपने किसी जानकार से बात कर सकता है. DIG विक्रम सिंह का कहना है कि आसाराम ने फोन पर बातचीत करने के दौरान कोई आपत्तिजनक बातें नहीं कही हैं, जिसरके लिए जेल प्रशासन उस पर कोई कार्रवाई करे.
आसाराम ने ही रची थी पूरी साजिश
उन्होंने बताया कि एहतियातन कैदियों की इस बातचीत को रिकॉर्ड किया जाता है, ताकि कोई गलत बात नहीं बोले. हो सकता है कि साबरमती आश्रम में जब यह बात कर रहा होगा तो इसके कॉल को रिकॉर्ड करके प्रसारित कर दिया गया होगा.
लेकिन विवाद इस बात को लेकर भी खड़ा हो रहा है कि आसाराम के फेसबुक अकाउंट पर ऑडियो संदेश जारी होने से पहले ही सूचित कर दिया गया था. आसाराम के फेसबुक पेज पर जारी सूचना में लिखा हुआ था कि '27 अप्रैल को जोधपुर जेल से शाम 6:30 बजे आसाराम का ऑडियो लाइव होने की संभावना है. आप मंगलमय पर जरूर सुनें.'
बेटी भारती ने भी छोड़ा आसाराम का साथ
विवाद खड़ा होने के बाद आसाराम के फेसबुक पेज और उसके मोबाइल एप 'मंगलमय' से भी आसाराम का यह ऑडियो प्रवचन अब हटा लिया गया है. आसाराम ने इस ऑडियो में कहा है 'जितनी बड़ी गाज गिरती है, उतने बड़े रास्ते भी बन जाते हैं. पहले तो शिल्पी बेटा को निकाल लूंगा, फिर शरद बेटे को.... ऊपर एक से एक कोर्ट है... कुछ लोग झूठ फैलाने में लगे हैं... मेरे रोने की बात भी झूठ है...' इस ऑडियो के अंत में शरत की आवाज भी आती है और वह कहता है कि मैं जोधपुर में ठीक हूं.