
अनंतनाग जिले के लरकीपोरा इलाके में कुछ आतंकी हमलावरों ने स्थानीय सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी है. सरपंच का नाम अजय पंडिता है जो ओमकार नाथ के बेटे थे. सरपंच की उम्र 40 साल थी. बताया जा रहा है कि यह सरपंच कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. बताया जा रहा है कि हत्या करने वाले आंतकी थे, हालांकि कौन थे, यह अभी पता नहीं चल पाया है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा, सोमवार शाम 6.00 बजे के करीब हमें अनंतनाग के लोकबोवान इलाके से गोलीबारी की खबर मिली. जहां कुछ आतंकियों ने कांग्रेस सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने बताया कि सरपंच अजय पंडिता की घर के पास ही आतंकियों ने उनपर गोली चलाई. उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उनकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर, छानबीन शुरू कर दी है. साथ ही इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल से उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए लिखा है कि इस दौर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की स्थिति बदतर हो गई है. एक तरफ सरकार के एक्शन का डर है तो दूसरी तरफ आतंकियों का.
इल्तिजा मुफ्ती ने महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'दिल दहला देने वाली खबर. मृतक परिवार के लिए संवेदना प्रकट करती हूं. कश्मीर में राजनीतिक स्पेस का खत्म होना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. वे दोनों तरफ से फंस गए हैं. एक तरफ प्रतिशोधी सरकार है जो उनपर दंडात्मक कार्रवाई कर रही है और दूसरी तरफ आतंकी.
वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, अनंतनाग में सरपंच अजय पंडिता की हत्या की खबर सुनकर काफी दुख हुआ. मैं जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर की गई इस आतंकी घटना की निंदा करता हूं. उनकी आत्मा को शांति मिले.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता मोहित भान ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि श्री अजय पंडिता जैसे चुने हुए सरपंच और जमीनी राजनीतिक कार्यकर्ता की भयंकर और नीचतापूर्ण हत्या दुखद और हैरान करने वाली है. एक निहत्था व्यक्ति, जिसने सभी कठिनाइयों को भूलकर लोगों की सेवा का रास्ता चुना, उसकी हत्या को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता. सवाल यह है कि मुख्यधारा के इन लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
2020 में अबतक 93 आतंकी ढेर
कोरोना के इस संकट भरे वक्त में पाकिस्तान और उसके समर्थन वाले आतंकी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों में कई बार आतंकी और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई है.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने इस साल अबतक 93 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है.
सोमवार सुबह ही शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया है, ये लगातार दूसरा दिन है जब घाटी में हुई मुठभेड़ में आतंकी मारे गए हैं.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें
अगर आकड़ों को देखें, तो इस साल अब तक 93 आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि इसी वक्त तक पिछले साल ये आंकड़ा 104 का था. इस साल आतंकियों ने 51 घटनाओं की शुरुआत की, जबकि पिछली बार अबतक ये आंकड़ा 91 का था. अब तक स्थानीय आतंकियों की आतंकी संगठनों में 43 की भर्ती हुई है.