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शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सेबी ने लिस्टेड कंपनियों से कहा है कि वे कोरोना का उनके व्यवसाय पर पड़े प्रभाव के बारे में निवेशकों और हितधारकों को सही समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं.
सेबी ने जारी किया सर्कुलर
सेबी ने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि लिस्टेड कंपनियों को उनके व्यवसाय पर कोविड-19 के प्रभाव का मूल्यांकन करना चाहिये. उनके कारोबार, प्रदर्शन और वित्तीय क्षेत्र में पड़े प्रभाव के बारे में आकलन करना चाहिए. यह आकलन गुणवत्ता और मात्रात्मक दोनों ही लिहाज से आंका जाना चाहिए. इस तरह जुटाई गई जानकारी को निवेशकों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए. सेबी ने लिस्टेड कंपनियों से यह भी कहा है कि वह कोविड-19 के प्रभाव के बारे में जानकारी देते वक्त चयनात्मक नहीं हों.
सेबी को कहने की क्यों जरूरत पड़ी?
दरअसल, कोरोना संकट की वजह से शेयर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. इस वजह से बीते तीन महीनों में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब चुके हैं. इस हालात से निपटने के लिए सेबी की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन अब भी संकट बरकरार है. संभवत: यही वजह है कि सेबी को यह आदेश देना पड़ा है. इस आदेश के बाद कंपनियों को अपने कारोबार से जुड़ी जानकारियां निवेशकों को बतानी होगी.
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इन जानकारियों के बाद निवेशक अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल कर निवेश करेंगे. आपको बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के प्रसार और उसके बाद लगाये गये लॉकडाउन की वजह से न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा है. लॉकडाउन को देखते हुए सेबी ने लिस्टेड कंपनियों को नियामकीय अनुपालन के मामले में कई तरह की रियायतें भी दी हैं.