Advertisement

अकाल तख्त बोला- देश में सिख असुरक्षित, अमरिंदर बोले- केंद्र जिम्मेदार

सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त के जत्थेदार की और से भारत में सिखों के असुरक्षित होने को लेकर दिए एक बयान को लेकर पंजाब में राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख ना तो भारत में और ना ही पाकिस्तान में सुरक्षित हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-IANS) पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-IANS)
सतेंदर चौहान
  • चंडीगढ़,
  • 07 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 7:35 PM IST

  • अकाल तख्त ने कहा- सिख भारत और पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं
  • अमरिंदर बोले- अगर ऐसा है तो केंद्र सरकार पर बनाएं दबाव

सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त के जत्थेदार की और से भारत में सिखों के असुरक्षित होने को लेकर दिए एक बयान को लेकर पंजाब में राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख ना तो भारत में और ना ही पाकिस्तान में सुरक्षित हैं.

Advertisement

हरप्रीत सिंह कहा कि भारत में ही मेघालय की राजधानी शिलांग में वर्षों से बसे सिखों को उजाड़ा गया. मध्य प्रदेश में भी सिखों के घरों को तोड़ दिया गया. पाकिस्तान में सिखों का कत्ल किया जा रहा है. पाकिस्तान छोड़ने की धमकियां दी जा रही हैं. इस प्रकार के हालात में किसी भी सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं है. सिखों की इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए एकजुट रहना होगा.

उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को निर्देश दिया कि वो केंद्र के साथ संपर्क स्थापित करे और पाकिस्तान के सिखों को इंसाफ दिलवाने के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बनाए . ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बयान के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पूरे मामले में अकाली दल को लपेट लिया.

उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ने जो चिंता जाहिर की है वो बेहद ही गंभीर है और अगर अकाल तख्त ये मानता है कि देश में सिख असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो ऐसे में अकाली दल पर तुरंत दबाव बनाना चाहिए. वो तुरंत ही केंद्र सरकार से अलग हो जाए और केंद्र सरकार पर सिखों की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाने का दबाव बनाना चाहिए. हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि वो इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते कि भारत में सिख असुरक्षित हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement