Advertisement

सीरियल किलर उदयन दास का सबसे बड़ा खुलासा

आशिक तो उसे दुनिया समझ रही थी. मगर जहन उसका वहशियाना था. गुलदस्ते के पीछे वो खंजर छुपाकर लाया था. जैसी उसकी सोच थी. उसके मुताबिक तो वो हर रोज वेलंटाइन डे मनाता था. मगर अलग-अलग लड़कियों के साथ. जब इस वहशियाना मोहब्बत की परतें खुलीं, तो उन लड़कियों का वेलेंटाइन, एक किलर निकला. हां, ये सच है कि उदयन ने आकांक्षा को हमसफर तो बनाया था. मगर उससे कभी मोहब्बत नहीं की, क्योंकि जिसके ज़हन में हवस हो उसके किरदार में कभी इश्क हो ही नहीं सकता.

साइको सीरियल किलर उदयन दास साइको सीरियल किलर उदयन दास
मुकेश कुमार/शम्स ताहिर खान
  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST

आशिक तो उसे दुनिया समझ रही थी. मगर जहन उसका वहशियाना था. गुलदस्ते के पीछे वो खंजर छुपाकर लाया था. जैसी उसकी सोच थी. उसके मुताबिक तो वो हर रोज वेलंटाइन डे मनाता था. मगर अलग-अलग लड़कियों के साथ. जब इस वहशियाना मोहब्बत की परतें खुलीं, तो उन लड़कियों का वेलेंटाइन, एक किलर निकला. हां, ये सच है कि उदयन ने आकांक्षा को हमसफर तो बनाया था. मगर उससे कभी मोहब्बत नहीं की, क्योंकि जिसके ज़हन में हवस हो उसके किरदार में कभी इश्क हो ही नहीं सकता.

Advertisement

उसने तो अपनी ज़िंदगी के हर वरक पर हवस की लकीरें खींच रखीं थी. आकांक्षा ने तो अपनी ज़िंदगी इसी खुशफहमी में कुर्बान कर दी कि जिसको उसने अपना हमसफ़र बनाया है. वो सिर्फ उसी से मोहब्बत करता है. हां शायद करता भी अगर दिल में उसके मोहब्बत होती. मगर इस लफ्ज से तो उसकी दूर दूरतक कोई नातेदारी थी ही नहीं. वो तो लड़कियों को सिर्फ अपनी हवस पूरी करने का ज़रिया मानता था. मां-बाप को मारने से पहले चोरी के पैसों से और प्रॉपर्टी बेच कर उदयन ने अपनी हवस बुझाई.

ज़ाहिर है हर रोज़ तो वो प्यार में किसी को धोखा दे नहीं सकता था लिहाज़ा कॉलगर्ल के पास जाता था. उन्हें होटलों में बुलाता था. पुलिस के सामने अपने इकबालिया बयान में उसने बताया कि कॉलगर्ल के साथ वक़्त बिताने के लिए वो रोज़ाना करीब 25 हज़ार रुपये उड़ा देता था. अपनी रंगीन मिज़ाजी के चक्कर में वो दूसरे शहरों में भी गया. रायपुर के अपने मकान को बेचकर जो 33 लाख रुपये उसने जुटाए थे वो भी इन्हीं अय्याशियों में उसने लुटा दिया. मुंबई के मंहगे होटलों में रुककर उसने कॉलगर्ल बुलाई थी.

Advertisement

पुलिस की माने तो जब कॉलगर्ल्स से उसके जी भर जाता था तो वो मासूम लड़कियों को अपने प्यार में फंसाना शुरू करता था. अपनी इस हवस को वो ल़ड़कियों के सामने मोहब्बत के लबादे में ओढ़ाकर पेश करता था. बकौल उसके बिना मोहब्बत के वो रह नहीं सकता था. अपनी किसी भी महबूबा के साथ उसकी हद सिर्फ 6 महीने थी. इससे ज़्यादा वो उनके साथ रहना भी नहीं चाहता था. उसने अपने आसपास हसीन चेहरों का एक गुलिस्तां सजा रखा था. 6 साल में 12 लड़कियों के साथ उसने हवस का खेल खेला.

चंद महीनों में उसकी हरकतें देखकर या तो लड़कियों ने उसे छोड़ दिया या उसका उन लड़कियों से दिल भर गया. इस तरह उसकी अय्याशी चलती रही. दुनिया को तो अभी तक यही पता है कि उदयन अपनी गर्लफ्रेंड आकांक्षा को लेकर इतना ज़ज़्बाती था कि उसने मोहब्बत में धोखा खाने के खौफ में उसे मार डाला. घर में उसकी संगमरमरी कब्र बनाकर सीने से लगाए रखा. यदि आपको लगता है कि जज़्बाती होकर और मोहब्बत में धोखा खाने के खौफ में उसने आकांक्षा को मारा, तो बता दें कि 11 लड़कियों संग ऐसा कर चुका था.

उन्हें हवस बुझाने के बाद उसने छोड़ दिया. इनमें से दो लड़कियों का तो अभी तक कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है. पुलिस को शक़ है कि कहीं उनके साथ भी उसने आकांक्षा जैसा सलूक तो नहीं किया. एक दो नहीं सोशल मीडिया पर पूरे 110 फेकअकाउंट बनाकर उदयन ने फर्ज़ी तरीके से लड़कियों को अपनी मोहब्बत के जाल में फंसाने का फुल टाइम कारोबार शुरू कर रखा था. वो कभी करन बना, कभी ग्रोवर, कभी राजीव और कभी रेयान. बेहद रईसी वाली फोटो सोशल साइड पर अपलोड कर वो लड़कियों को झांसे में लेता था.

Advertisement

लड़कियों को इम्प्रेस करने के लिए वो खुद को माइनिंग, तेल और हीरे का कारोबार करने वाली दो-दो मल्टीनेशनल कंपनी का मालिक बताता था, जिसका कारोबार इंडिया, चाइना, यूरोप, यूएस से लेकर यूएई तक फैला था. आकांक्षा की तरह कई और लड़कियां उसकी इसी रईसी को देखकर उसके करीब आईं. इस तरह 6 साल में उसने 12 से ज़्यादा गर्लफ्रेंड बदलीं यानी एक गर्लफ्रेंड के साथ वो 6 महीने ही वक़्त बिताता था. आकांक्षा से उसकी दोस्ती भी सोशल साइट्स के ज़रिए ही हुई थी, जो बाद में उसके साथ रहने आ गई थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement