
शशांक मनोहर के इस्तीफे के बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ICC चेयरमैन पद के लिए मजबूत दावेदारों में शामिल हैं, लेकिन गांगुली का कहना है कि उन्हें आईसीसी चेयरमैन बनने की कोई जल्दी नहीं है. सौरव गांगुली ने कहा कि ICC के अध्यक्ष के रूप में उनका भविष्य पूरी तरह से BCCI के निर्णय पर निर्भर करता है.
सौरव गांगुली ने इंडिया टुडे के 'ई-इंस्पिरेशन' के एपिसोड में कहा, 'मुझे नहीं पता कि यह सही है या नहीं कि मुझे इस हालात में बीसीसीआई को बीच में ही छोड़ने की इजाजत होगी. मैं किसी जल्दी में नहीं हूं. मैं अभी युवा हूं और आप इस जॉब को हमेशा नहीं करते रह सकते हैं. ये मानद नौकरियां हैं जो आप अपने जीवनकाल में एक बार करते हैं.'
गांगुली बोले- नहीं चाहते कि ऑस्ट्रेलिया में दो हफ्ते के लिए होटल में बंद रहे टीम इंडिया
सौरव गांगुली ने कहा, 'जब खेल की बात आती है, तो मैं इसे दूसरों की तुलना में थोड़ा अधिक जानूंगा, क्योंकि मैंने अपना जीवन खेल में बिताया है. हम आईसीसी या एसीसी में जाते हैं. आप अपने बोर्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसलिए फैसला सभी को करना होगा.'
बता दें कि सौरव गांगुली को अक्टूबर 2019 में 9 महीने के लिए BCCI का अध्यक्ष बनाया गया था, इसके मुताबिक 31 जुलाई को गांगुली का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसके बाद वह बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पर चले जाएंगे.
गांगुली बोले- इस साल T20 वर्ल्ड कप कराने की कोशिश में ICC, हमें उसके फैसले का इंतजार
बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में लगातार 6 साल तक किसी भी पद पर बना रहता है, तो उसे 3 साल के अनिवार्य 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पर जाना होगा. गांगुली बंगाल क्रिकेट बोर्ड (CAB) के 5 साल 3 महीने तक अध्यक्ष रह चुके हैं. इस लिहाज से उनके पास बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर 9 महीने का कार्यकाल ही बचा था.