
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की वजहों में एक वजह क्रॉप बर्निंग भी है, लेकिन इस साल इसमें कमी दर्ज की गई है. पंजाब सरकार ने एनजीटी को बताया है कि 27 सितंबर से लेकर 26 अक्टूबर के बीच इस साल पंजाब में फसलों को जलाने के तकरीबन 15000 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 30 फ़ीसदी कम हैं. पंजाब सरकार ने बताया कि पिछले साल इसी अवधि में फसलों को जलाने के तकरीबन 22000 मामले सामने आए थे. गौरतलब है कि एनजीटी ने क्रॉप बर्निंग पर पाबंदी लगा रखी है क्योंकि दिल्ली में वायु प्रदूषण की बड़ी वजह यही है.
दिल्ली से सटे पांच राज्यों में क्रॉप बर्निंग के चलते दिल्ली की हवा सर्दियों की शुरुआत से ही प्रदूषित होना शुरू हो जाती है पिछले कुछ साल में यह समस्या और विकट हो गई है. पंजाब में क्रॉप बर्निंग के चलते दिल्ली में लगातार वातावरण प्रदूषित होता है और इसे रोकने के लिए ही एनजीटी ने क्रॉप बर्निंग पर लगाम लगाई है. पंजाब के अलावा हिमाचल, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों से भी क्रॉप बर्निंग की खबरें आती हैं और वहां से प्रदूषित हुई वायु दिल्ली तक पहुंचती है. पंजाब सरकार की तरफ से दी गई है जानकारी कुछ राहत भरी जरूर है लेकिन अब भी सरकार एनजीटी के आदेश के बावजूद क्रॉप बर्निंग पर पूरी तरह से लगाम लगाने में कामयाब नहीं हो पाई हैं.
हाल ही में दिल्ली और आसपास के राज्यों में प्रदूषण पर लग़ाम लगाने के लिए एनजीटी के अलावा हाइकोर्ट ने भी आदेश दिया है कि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब में क्रॉप बर्निंग पर रोकने के लिए किसानों से फसल का वो हिस्सा जो वो खेत में जला देते हैं , पेपर इंडस्ट्री और बोर्ड इंडस्ट्री किसानों से ख़रीदें. इससे एक तरफ़ किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी और दूसरी तरफ़ फसलों के अवशेष को जलाने से होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी.
हाईकोर्ट ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब आदि राज्यों को आदेश दिया है कि वो अपने इलाके में आने वाली सभी पेपर कंपनी, बायोमास प्लांट, पॉवर जेनरेशन प्लांट, सीमेंट प्लांट चलाने वालों को किसानों से फसलों के अवशेष खरीदने के निर्देश जारी करें. दिल्ली-एनसीआर में फसलों के अवशेष के जलाने से होने वाले प्रदूषण के मद्देनजर हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि ये कंपिनयों की यह सामाजिक जिम्मेदारी है. कोर्ट ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को फसलों के अवशेष जलाने से रोकने के लिए प्रत्येक राज्य में बनी विशेष कमेटी से हर सप्ताह रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया है.