
जीवन के मंगल दोष को लेकर लोगों में तमाम गलत धारणाएं हैं. यही वजह है कि लोग अक्सर इस दोष के निवारण के लिए उल्टे-सीधे उपाय करने लगते हैं, जिससे समस्याएं कम होने की बजाय कई गुना बढ़ जाती हैं.
आइए जानें कि क्या है कुंडली का मंगल दोष और उसके उपाय:
क्या होता है मंगल दोष ?
- मंगल जब कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हो तो मंगल दोष होता है.
- मंगल दोष में भी लग्न और अष्टम भाव का दोष ज्यादा गंभीर होता है.
- मंगल एक क्रूर ग्रह है, इसलिए विवाह पर इसका प्रभाव समस्याएं ही बढ़ाता है.
- मंगल दोष होने पर विवाह के मामले में सावधानी रखनी चाहिए.
- अगर मंगल दोष वर-वधू में से किसी एक की कुंडली में है तो दूसरे से तालमेल खराब हो जाता है.
मंगल दोष की मान्यताएं क्या हैं ?
- वैवाहिक जीवन में एक व्यक्ति मंगली हो और दूसरा न हो तो दूसरे की मृत्यु तक हो सकती है.
- पति-पत्नी के बीच में हिंसा हो सकती है.
- पति-पत्नी में से कोई एक मंगली हो तो दूसरा साथी हमेशा बीमार रहता है.
- मंगल दोष के कारण व्यक्ति को सर्जरी और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है.
- मंगल दोष बड़ी समस्याएं देता है, ये व्यक्ति के जीवन को तहस-नहस कर देता है.
मंगल दोष के लिए क्या उपाय बताए जाते हैं और ये कितने सही हैं-
- मंगली व्यक्ति की शादी घड़े, पेड़ या मूर्ति से कराया जाता है.
- ये बिल्कुल भी उचित नहीं है और इसका कोई लाभ भी नहीं होता.
- आमतौर पर मंगली व्यक्ति को मूंगा पहना दिया जाता है.
- जबकि हर स्थिति में मूंगा लाभ नहीं पहुंचाता है, इससे भयंकर नुकसान भी हो सकता है.
- मंगली व्यक्ति के मंगल की शांति करा दी जाती है.
- जबकि अगर मंगल शुभ परिणाम वाला हुआ तो जीवन में समस्याएं बढ़ जाती हैं.
- आमतौर पर मंगल दोष के लिए कराए गए ज्यादातर उपाय लाभकारी नहीं होते.
मंगल दोष के लिए करें सही और लाभकारी उपाय:
- मंगल कुंडली में जिस तरह की समस्या दे रहा हो उसके मुताबिक ही समाधान करें.
- क्योंकि हर मामले में मंगल वैवाहिक जीवन ही खराब नहीं करता.
- मंगल दोष के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान स्वभाव का रखना चाहिए.
- अपने खान-पान की आदतों में बदलाव लाएं.
- गर्म और ताजा भोजन करने से कमजोर मंगल मजबूत होता है.
- इससे पाचन क्रिया और मनोदशा भी ठीक रहती है.
- हनुमान जी की नियमित उपासना करने से विशेष लाभ होता है.