
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में एसिड अटैक के पीड़ितों के लिए राहत भरा आदेश दिया है. नौ साल तक चले इस मुकदमे का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मदन बी लोकुर की पीठ ने पीडितों के इलाज और सुविधाओं के लिए कई तरह के प्रावधान जारी किये हैं.
हमले के पीड़ितों की देखरेख-इलाज और अन्य सुविधाओं के लिए गाइड लाइन जारी की गई है. अब आगे का काम राज्य सरकारों का होगा कि कौन कितनी सख्ती से इन पर अमल करता है.
कोर्ट के दिशा निर्देश
* कोई भी अस्पताल तेजाब हमले के पीड़ित के इलाज से मना नहीं कर सकता.
* सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को तेजाब हमले के शिकार को फौरन कम से कम तीन लाख रुपये की मदद मुहैया करानी होगी.
* पीड़ित को मुफ्त इलाज मुहैया कराना भी सरकार की ही जिम्मेदारी है.
* मुफ्त इलाज का मतलब पीड़ित के अस्पताल के अलग कमरे, खाने और दवाइयों के साथ-साथ सर्जरी का भी खर्च सरकार ही करेगी.
* राज्य में तेजाब की खुली बिक्री पर रोक
कोर्ट ने यह भी कहा कि एसिड अटैक के पीड़ित को सर्टिफिकेट भी मिलेगा जिससे भविष्य में उसे सारी सुविधाएं मिल सकें. ये सर्टिफिकेट पीड़ित की प्रथामिक चिकित्सा करने वाला अस्पताल जारी करेगा.