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SC/ST एक्ट की संवैधानिकता पर सोमवार को फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

मार्च 2018 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के हो रहे दुरुपयोग के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम के तहत मिलने वाली शिकायत पर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
संजय शर्मा/अनीषा माथुर
  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

  • SC/ST संशोधन कानून पर कोर्ट सुनाएगा फैसला
  • सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनाएगा फैसला

SC/ST संशोधन कानून 2018 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा. सोमवार को इस मामले में कोर्ट की ओर से फैसला दिया जाने वाला है.

दरअसल, 20 मार्च 2018 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के हो रहे दुरुपयोग के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम के तहत मिलने वाली शिकायत पर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.

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यह भी पढ़ें: दिल्ली चुनाव के बाद शाहीन बाग पर चल रहे धरने के खिलाफ सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

इसके बाद संसद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था. इसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर दाखिल याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिस पर 10 फरवरी को फैसला आने वाला है.

अग्रिम जमानत

बता दें कि एससी/एसटी पर अत्याचार करने वाले आरोपी को अग्रिम जमानत देने के लिए कोई प्रावधान न होने के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी. इससे पहले एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक तौर पर अपना फैसला बदला था.

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सुप्रीम कोर्ट ने पुराने फैसले में कुछ आंशिक बदलाव किए. नए बदलाव के मुताबिक अब सरकारी कर्मचारी और सामान्य नागरिक को गिरफ्तार करने से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी.

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