
टीवी और फिल्म अभिनेत्री सुरवीन चावला से बातचीत के अंश
टीवी और फिल्म के बाद अब वेब सीरीज हक से में काम, क्यों?
यह सीरीज चर्चित उपन्यास लिट्ल विमेन पर आधारित है जिसमें चार बहनों की कहानी है. इसकी पृष्ठभूमि में कश्मीर है. मैं मेहर मिर्जा बनी हूं.
उस रोल मे ऐसा खास क्या है?
डॉ. मेहर मिर्जा सोसाइटी के कायदों में यकीन करती है. मेरे लिए यह मुश्किल था क्योंकि मैं फेमिनिज्म में बीलीव करती हूं. ऐसा नहीं कि मैं मर्दों को नीचा दिखाना चाहती हूं. पर जो चीजें मर्दों के लिए हैं वे औरतों के लिए भी होनी चाहिए. वे ज्यादा स्ट्रांग और मल्टीटास्कर होती हैं.
हक से में काम के दौरान कश्मीर के हालात नजदीक से देखने का मौका मिला होगा. उसे कैसे बदला जा सकता है?
मैं कोई पॉलिटिकल कमेंट नहीं करूंगी. पर इतना जरूर कहूंगी कि इसमें पॉलिटिकल फैक्टर इन्वॉल्व हैं. मामले को लेकर संवेदनशील रहना चाहिए.
और आइटम नंबर पर क्या राय है?
यह कंटेंट पर निर्भर करता है. एक लड़की एंटरटेनमेंट के लिए डांस करती है तो वह आइटम नंबर होता है. लेकिन मैंने वेलकम बैक फिल्म में शादी के मौके पर डांस किया था. उसे आइटम नंबर नहीं बोल सकते.
आपने अपनी शादी की बात को लंबे समय तक छुपाए रखा. क्यों भला?
यह मेरा निजी मामला है. शादी के तुरंत बाद मैं कंफर्टेबल नहीं थी. जैसे ही मैं कंफर्टेबल हुई, मैंने मीडिया को इसके बारे में बता दिया.
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