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सुशांत सिंह केसः फोरेंसिक सबूत जुटाने की कोशिश करेगी CBI, क्या मिलेगी कामयाबी

सुशांत का कमरा और कमरे में रखी हुई हर चीज सीबीआई के लिए अहम होगी. सवाल ये है कि क्या हाई प्रोफाइल मौत के इस केस में सीबीआई को वो फोरेंसिक सबूत मिलेंगे, जिससे सीबीआई इस केस को नतीजे तक ले जा सके.

सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है (फाइल फोटो)
तनसीम हैदर/परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:57 AM IST

  • सीबीआई की SIT टीम ने शुरू कर दिया काम
  • आदेश मिलते ही दर्ज किए कई लोगों के बयान

सुशांत की मौत का मामला अब सीबीआई के पास आ गया है. तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सुशांत की मौत की जांच में सीबीआई को फोरेंसिक सबूत मिलेंगे? सीबीआई के लिए मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच का वो हिस्सा सबसे अहम होगा, जिसमें सीन ऑफ क्राइम से नमूने लिए गए. सुशांत का कमरा और कमरे में रखी हुई हर चीज सीबीआई के लिए अहम होगी. सवाल ये है कि क्या हाई प्रोफाइल मौत के इस केस में सीबीआई को वो फोरेंसिक सबूत मिलेंगे, जिससे सीबीआई इस केस को नतीजे तक ले जा सके.

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जिस कमरे में सुशांत की मौत हुई, उस कमरे में लगे सीलिंग फैन मोटर और कमरे में मौजूद बेड के बीच का कुल फासला 5 फीट 11 इंच था. जबकि सुशांत की हाइट 5 फीट 10 इंच थी. यानी बेड पर खड़े होने के बाद सुशांत और पंखे के बीच सिर्फ 1 इंच का फर्क रह जाता है. सुशांत की बहन, चाबी बनाने वाला और घर में मौजूद तीनों मुलाजिम और दोस्तों के मुताबिक जब कमरे का दरवाजा खुला तो सुशांत की लाश बेड के दूसरी तरफ बेड के किनारे हवा में झूल रही थी. यानी सुशांत की लाश न तो बेड पर थी और ना ही उसके पैर बेड की तरफ थे.

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ऐसे में सीबीआई को ये पता लगाना है-

- सुशांत की मौत खुदकुशी है या कत्ल?

- खुदकुशी है तो खुदकुशी की वजह क्या है?

- कत्ल है तो फिर कत्ल की वजह क्या है?

- सुशांत की मौत में रिया का क्या रोल है?

- सुशांत की मौत में फिल्मी बिरादरी की क्या भूमिका है?

- क्या सुशांत के पैसों के साथ हेरा-फेरी हुई है?

- पैसों की हेरा-फेरी हुई तो किसने की?

- दिशा और सुशांत की मौत के बीच क्या रिश्ता है?

- इस केस में सुशांत के स्टाफ की क्या भूमिका है?

- सुशांत की बीमारी का क्या सच है?

- सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कितनी सही है?

- चश्मदीदों के बयान कितने भरोसे लायक हैं?

- 8 जून को रिया और सुशांत के बीच क्या हुआ था?

- 13 और 14 जून की कहानी क्या है?

दरअसल, मौके पर बेड के दूसरी तरफ जहां सुशांत की लाश झूल रही थी, वहां से पंखे की दूरी और ऊंचाई 8 फीट 1 इंच थी. फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और पुलिस के मुताबिक पंखे और बेड के बीच जितनी ऊंचाई थी, उस ऊंचाई पर सुशांत अपने दोनों हाथ उठा कर आसानी से पंखे पर गांठ बना सकता था. चूंकि बेड और पंखे के बीच का फासला और सुशांत की हाइट दोनों में महज एक इंच का फर्क था, इसीलिए फंदा गले में डालने के बाद सुशांत बेड की दूसरी तरफ दोनों पैर फेंक कर हवा में झूल गया.

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पुलिस के मुताबिक मौका-ए-वारदात से जो तस्वीर ली गई है, और एक्सपर्ट्स ने कमरे का जो मुआयना किया है. उसमें साफ है कि सीलिंग फैन बेड के बीचों बीच नहीं लगा हुआ था. इसीलिए पंखे के नीचे बेड के दूसरी तरफ काफी गैप था.

जाहिर है, अब जांच सीबीआई के हाथ में है और सीबीआई सुशांत केस को अपने तरीके से आगे बढ़ाएगी. सीबीआई ने इस मामले की जांच के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी. सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलते ही सुशांत की मौत की जांच के लिए एक एसआईटी का ऐलान कर दिया गया. एसआईटी का नेतृत्व सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर मनोज शशिधर करेंगे. उनके अलावा गगनदीप गंभीर, एसपी नूपुर प्रसाद और एडिशनल एसपी अनिल यादव इस टीम का हिस्सा होंगे. ये सभी सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच करेंगे.

- सीबीआई की जांच बिहार पुलिस की एफआईआर पर आधारित होगी. जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया था. उस एफआईआर में आईपीसी की धारा 341, 348, 380, 406, 420, 306 और 120बी शामिल हैं.

- सीबीआई की SIT जल्द मुंबई पुलिस को एक पत्र लिखकर इस मामले की केस डायरी, क्राइम सीन के फोटोग्राफ, ऑटोप्सी रिपोर्ट, मुंबई पुलिस की फोरेंसिक रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट और दर्ज किए गए गवाहों के बयान की कॉपी जल्द से जल्द भेजने का आग्रह करेगी.

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- इन सबके के बाद सीबीआई की एसआईटी मुंबई के बांद्रा में स्थित सुशांत के घर का भी मुआयना करेगी. जहां सुशांत की लाश पंखे से लटकी मिली थी. खास बात ये है कि सीबीआई के साथ मौके पर उनकी फॉरेंसिक टीम भी होगी, जो एक बार फिर से मौका-ए-वारदात से सुराग तलाशने की कोशिश करेगी.

- सुशांत के परिवार ने उनके कत्ल का शक जाहिर किया है. लिहाजा एसआईटी उसी शक को मद्देनजर रखते हुए फ्लैट के कमरे में क्राइम सीन भी रिक्रिएट करेगी. साथ ही डमी टेस्ट भी किया जाएगा.

- उस दिन मौका-ए-वारदात पर मौजूद सभी लोगों के बयान नए सिरे से दर्ज किए जाएंगे.

- इस केस में रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार से भी सीबीआई की टीम पूछताछ करेगी.

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सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को बिहार पुलिस से मिले डॉक्यूमेंट्स, जिनमें केस डायरी और लगभग 10 के आसपास चश्मदीदों के बयान दर्ज हैं, उसे एग्जामिन किया जा रहा है. इस जांच में शामिल रहे अफसरों से भी बिहार पुलिस बातचीत कर रही है. बिहार पुलिस के 4 पुलिसकर्मी लगभग 10 दिनों के लिए मुंबई में मौजूद थे. सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह का बयान दोबारा दर्ज करेगी. सूत्रों के मुताबिक सुशांत के पिता के जो आरोप हैं, उन्हें सबूतों के साथ वैरिफाई किया जाएगा.

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सूत्रों के मुताबिक जो आरोप सुशांत के पिता ने लगाए हैं, उनके मुताबिक सुशांत को रिया गलत ओवरडोज दवाएं दिया करती थी. इसको वैरिफाई करने के लिए सीबीआई की टीम कंसर्न डॉक्टर्स से बात करेगी. डॉक्टर्स से पूछा जाएगा कि क्या ये दवाइयां प्रिस्क्राइब की गई थी या नहीं. फिलहाल सीबीआई इस दिशा में काम करेगी कि बिहार पुलिस की अब तक कि जांच क्या रही है, ऐसे कौन से सबूत या दस्तावेज बिहार पुलिस को मिले हैं, जिससे ये केस खुदकुशी के लिए उकसाने और फंड-प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के नतीजे पर पहुंच गया.

बेशक कानूनी तौर पर सीबीआई को सुशांत केस की जांच की जिम्मेदारी बुधवार को मिली है. मगर सीबीआई जांच सुपुर्द किए जाने के बाद से अब तक कई लोगों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है. उनके बयान भी ले चुकी है. इनमें सुशांत के परिवारवाले भी शामिल हैं. अब सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद सीबीआई की स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम (SIT) पहली बार गुरुवार को मुंबई जाएगी. जहां औपचारिक तौर पर वो मुंबई पुलिस से केस अपने हाथ में लेगी.

इसके बाद केस से जुड़े सभी अहम लोगों को सम्मन भेज कर उनसे पूछताछ की जाएगी. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक मुंबई में जांच की शुरुआत सुशांत के स्टाफ, दोस्त सिद्धार्थ पिठानी और रिया चक्रवर्ती से होगी. हालांकि सूत्रों का कहना है कि जब तक रिया चक्रवर्ती के खिलाफ कोई पुख्ता और ठोस सबूत नहीं मिल जाता, तब तक सीबीआई रिया को गिरफ्तार नहीं करेगी.

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