
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 25 जून तक स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (स्वैट) टीम का गठन कर दिया जाएगा. अपराधियों का मुकाबला करने के लिए स्वैट टीम को अत्याधुनिक हथियारों के अलावा उपकरण भी मुहैया कराए जाएंगे.
हाल ही में मथुरा में हुई घटना को देखते हुए टीम के सदस्यों को अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा मानक अपनाने की खास ट्रेनिंग भी दी जाएगी. प्रदेश के समस्त जिलों में क्राइम ब्रांच की स्थापना की जा चुकी है, जिसके तहत स्वैट टीम भी आती है. यह टीम शातिर अपराधियों के खिलाफ फील्ड ऑपरेशन चलाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए गठित की जा रही है.
एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि कमांडो कोर्स कराने के अलावा इन्हें आवास आवंटन में वरीयता, सशस्त्र पुलिस से सिविल पुलिस में स्थानांतरण व समय-समय पर अन्य प्रकार की सुविधाएं व मदद दी जाएगी. प्रत्येक स्वैट टीम में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल व आठ कांस्टेबल होंगे. जिले की परिस्थिति को देखते हुए इसकी संख्या दोगुनी भी की जा सकती है.
स्वैट टीम में चयन के लिए 35 वर्ष की आयु सीमा के साथ शारीरिक दक्षता व फायरिंग की परीक्षा भी देनी होगी. शुरुआती दौर में चयनित पुलिसकर्मियों को ग्लॉक पिस्टल, एके 47, एसएलआर, इंसास, एचई 36 व जीएफ की ट्रेनिंग कराई जाएगी.
स्वैट टीम को तीन तरह की वर्दी दी जाएगी, जिसमें सामान्य कार्यों के लिए खाकी, ऑपरेशन के समय रात को काली वर्दी व बीहड़ व जंगलों के लिए कैमोलाज वर्दी होगी. इसके अलावा उन्हें टैक्टिकल लाइट, लेजर डॉट ऐमिंग डिवाइस, कमांडो ड्रैगर, रूम इंट्री इक्विपमेंट, डांगरी, बूट, वायरलेस आदि भी मुहैया कराए जाएंगे.