
इस साल घाटी में हुई भारी बर्फबारी की वजह से दक्षिण कश्मीर में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में पवित्र शिवलिंग ज्यादा ऊंचा है.
इस बार जमकर बर्फबारी हुई है
दो जुलाई से शुरू होने वाली इस सालाना तीर्थयात्रा में इस बार पवित्र शिवलिंग की ऊंचाई पिछले कुछ सालों के औसतन 10-11 फुट की तुलना में इस बार 13 फुट है. मुख्य यात्रा अधिकारी बशीर अहमद खान ने पत्रकारों को बताया, 'इस साल घाटी में भारी बर्फबारी हुई है, जिसकी वजह से तापमान कम बना हुआ है और इससे पवित्र शिवलिंग का निर्माण अच्छी तरह हुआ है.'उन्होंने कहा, 'इस साल शिवलिंग ऊंचाई अधिक रहने की संभावना है, जिससे अधिक से अधिक तीर्थयात्री आकर्षित होंगे.'
विपरीत मौसम में रास्ता बनाने में होती है समस्या
पहलगाम विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रियाज अहमद वानी ने पत्रकारों को बताया, 'अमरनाथ यात्रा के लिए रास्ता साफ करना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहता है, वह भी जब मौसम विपरीत हो. लेकिन हमें यकीन है कि हम मार्ग से बर्फ हटाकर इसे तीर्थयात्रियों के लिए बहाल कर देंगे. तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले मार्ग से बर्फ हटा ली जाएगी.' खान के मुताबिक, 'श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए हर इंतजाम किए गए हैं. टेंट आपूर्तिकर्ता और लंगरवालों ने भी हिमालय के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर टेंट और लंगर डाल दिए हैं.' उन्होंने कहा, 'बिजली, पानी और दवाइयों के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं.
सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना पर
यात्रा की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने के लिए विभागों को सख्त आदेश दिए गए हैं.' दूसरी तरफ सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के साथ भारतीय सेना ने अपनी फौजों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए बालटाल और पहलगाम मार्गो पर ऑपरेशन शिव शुरू किया है. पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर प्रभाग) एस.जे.एम गिलानी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं. रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉप सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
इनपुट: IANS