
छत्तीसगढ़ में सक्रिय कुख्यात नक्सली नरसिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया है. छत्तीसगढ़ पुलिस और CRPF के हाथों एनकाउंटर की आशंका से उसने बस्तर के बजाए वारंगल में तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. उस पर एक करोड़ रूपये का इनाम था. हाल ही में वो छत्तीसगढ़ के नारायणपुर, भोपालपट्नम और सुकमा में अलग-अलग एनकाउंटर में जान गंवाते बचा था.
गोपनीय सूचनाओं और खूफिया तंत्र की कड़ी चौकसी के चलते उसकी लोकेशन लगातार सुरक्षाबलों को मिल रही थी. लिहाजा जान के खतरे को भांपते हुए उसने छत्तीसगढ़ पुलिस के बजाए तेलंगाना पुलिस की शरण में जाना मुनासिब समझा. उसके आत्मसमर्पण को एंटी नक्सल ऑपरेशन के रिकार्ड में इस साल की सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है.
बताया जा रहा है कि उसने अपनी पत्नी रंजीता के साथ सरेंडर किया है. प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे हैदराबाद भेजा जाएगा. वहां उससे तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस अपने यहां घटित अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी. आत्मसमर्पण के बाद नरसिंह रेड्डी की जान जोखिम में है. टॉप मोस्ट नक्सली नेताओं और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी होने के चलते नरसिंह रेड्डी के आत्मसमर्पण से नक्सली बौखलाए हुए हैं.
उसका मूल नाम नरसिंह रेड्डी उर्फ जम्पन्ना रेड्डी है. इस दंपत्ति के आत्मसमर्पण से नक्सली नेताओं और उनके दल को तगड़ा झटका लगा है. नक्सली नरसिंह रेड्डी उर्फ जम्पन्ना छत्तीसगढ़ में खासतौर पर बस्तर इलाके में कई बड़े नक्सली वारदातों में शामिल रह चुका है. फिलहाल वो पड़ोसी राज्य उड़ीसा में सक्रिय था. नरसिंह तेलंगाना के वारंगल का रहने वाला है. वह आंध्र प्रदेश, उड़ीसा स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव भी है. नरसिंह ने छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है. बारूदी सुरंगे बिछाने और लैंडमाइन विस्फोट की घटनाओं को अंजाम देने में उसे महारत हासिल थी. कई राज्यों में जाकर उसने नक्सली दलों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया था. दरअसल नरसिह रेड्डी की फोटो नहीं होने के चलते पुलिस की आंखों में वो अक्सर धूल झोकते रहता था. कभी दाढ़ी मूछें रखकर तो कभी क्लीन शेव करने की वजह से उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. अपनी कद काठी और नक्सली दल में ऊंची पैठ के चलते नरसिंह पुलिस की आंखों की किरकिरी बना हुआ था.
दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी सुंदरराज पी ने नरसिंह रेड्डी उर्फ जम्पन्ना के सरेंडर करने की पुष्टि की है. उनके मुताबिक छत्तीसगढ़ पुलिस भी जल्द ही तेलंगाना के लिए रवाना होगी. उससे पूछताछ होगी, क्योंकि बस्तर में वो आतंक का पर्याय रहा है.