
उन्नाव रेप केस की पीड़िता को मंगलवार देर रात एम्स अस्पताल से छुट्टी मिल गई. तीस हजारी कोर्ट के आदेश के अनुसार पीड़िता के रहने का इंतजाम अगले 7 दिनों के लिए एम्स के ट्रामा सेंटर हॉस्टल किया गया है. दरअसल, पीड़िता के परिवार वालो ने कोर्ट से कहा था कि उनकी जान को उनके गांव में खतरा है, लिहाजा अपनी सुरक्षा के मद्देनजर वे दिल्ली में ही रहना चाहते हैं.
इस अपील के बाद मंगलवार को कोर्ट ने ये आदेश दिया था कि दिल्ली में ही पीड़िता के रहने की व्यवस्था की जाए. इस दाैरान पीड़िता के साथ उसकी मां, दो बहनें और एक भाई भी यहां रहेंगे. इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितम्बर को होगी.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता से जुड़े सभी पांच मामलों को दिल्ली ट्रांसपर कर दिया था. इस केस की सुनवाई के लिए एक विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई थी, जो प्रतिदिन मामले की सुनवाई कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि 45 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए.
28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता की कार को ट्रक ने टक्कर मार दी थी. इस दुर्घटना में उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी, वहीं पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
बता दें कि उन्नाव रेप केस मामले में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं. पीड़िता ने इस मामले में आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की है.