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ट्रंप का ओबामा पर निशाना, कहा- पिछली सरकार के पैसे की मिसाइलों से ईरान ने किया हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि साल 2013 की डील के तहत ईरान को 150 बिलियन डॉलर दिए गए, जिसके लिए ईरान ने अमेरिका का शुक्रिया अदा करने की बजाय 'डेथ टू अमेरिका' के नारे लगा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस डील से मिली रकम का इस्तेमाल ईरान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Courtesy- PTI) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Courtesy- PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

  • डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान को छोड़ देना चाहिए परमाणु शक्ति बनने का ख्वाब
  • ट्रंप ने ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों के मरने के दावे को किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि साल 2013 की मूर्खतापूर्ण डील के बाद ईरान की शत्रुता काफी बढ़ गई. इस डील के तहत ईरान को 150 बिलियन डॉलर दिया गया. ईरान ने इस पैसे के लिए अमेरिका का शुक्रिया करने की बजाय 'डेथ टू अमेरिका' के नारे लगा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस डील से मिली रकम का इस्तेमाल ईरान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया. उसने यमन, सीरिया, लेबनान, अफगानिस्तान और इराक को नर्क बना दिया.

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जिन मिसाइलों से हमला किया, उन मिसाइलों के लिए फंड पिछली सरकार ने दिया था. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने यहां पर सत्ता पर लगाम भी कस ली है. हाल ही में ईरान में विरोध करने वाले 1500 लोगों की हत्या की जा चुकी है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने का ख्वाब और आतंकवाद का साथ देना छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, रूस और चीन को सच्चाई को समझना चाहिए. साथ ही ईरान के साथ की गई डील को खत्म करना चाहिए.

ट्रंप ने कहा कि अब  हमको मिलकर ईरान के साथ एक नई डील करनी चाहिए, ताकि दुनिया को सुरक्षित और पीसफुल बनाया जा सके. बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें मिसाइल हमले में 80 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया था. ट्रंप ने कहा कि ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है.

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ईरान का दावा है कि उसने 22 बैलेस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें 80 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. ईरानी मीडिया ने इन अमेरिकी सैनिकों को सैनिक नहीं बल्कि अमेरिकी आतंकी बताते हुए संबोधित किया, क्योंकि ईरानी संसद ने अमेरिका की सेनाओं को आतंकी घोषित कर दिया है.

ईरान स्टेट टीवी ने रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से दावा किया कि मिसाइल हमले में अमेरिकी हथियारों और हेलिकॉप्टरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और ईरान के निशाने पर अभी 100 अमेरिकी ठिकाने और हैं. अगर अमेरिका ने पलटवार करने की कोशिश की, तो वह इन ठिकानों पर भी हमला करेगा.

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