
नए नागरिकता कानून के समर्थन में जागरूकता अभियान को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरे जोर-शोर से राज्य में जागरूकता अभियान को फैलाने में लगी है. मकसद है कि इस कानून की सच्चाई को जन-जन तक पहुंचाया जा सके. उसी कड़ी में रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में एक रैली को फ्लैग ऑफ किया.
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि नए नागरिकता कानून के कारण आज विपक्षी दल कांग्रेस और वामपंथियों द्वारा देशव्यापी कोहराम मचाने का प्रयास किया जा रहा है. भारत का चाहे राजवंशी इतिहास हो या लोकतांत्रिक काल का इतिहास, शरणागत को आश्रय देने की हमारी परंपरा रही है.
फैसला राष्ट्रहित से जुड़ा है: सीएम
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ तौर पर एक बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि जब इजराइलियों को तमाम देशों ने अपने देश में घुसने तक पर प्रतिबंध लगाया, तब भारत ही एकमात्र देश था जिसने तब भी यहूदियों को संरक्षण दिया.
उन्होंने कहा, पारसियों पर दुनिया में अटैक हुए, या तो उनका धर्म परिवर्तन हुआ था, या तो उनको खदेड़ दिया गया. केवल भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं हुआ. जब चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया, तमाम तिब्बत शरणार्थियों को भारत ने जगह दी और वे आज भारत में पूरे अमन चैन के साथ रह रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नागरिकता देने वाला कानून है, लेने वाला नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया यह निर्णय राष्ट्रहित से जुड़ा है, इसके लिए संपूर्ण उत्तराखंड व उसकी जनता उनको बधाई देती है. सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में भाजपा विधायकों सहित प्रदेश संगठन के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया.