
दिल्ली में एंटी करप्शन ब्यूरो बना दो अफसरों की जंग का अखाड़ा बन चुका है और इस विवाद में अब अरविंद केजरीवाल के चहेते एसएस यादव पर गाज गिरने के आसार हैं. इस बीच इस विवाद में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीएस बस्सी ने भी बयान दिया है.
पुलिस कमिश्नर का बयान
बस्सी ने बयान दिया कि एसीबी चीफ मीणा हैं और यह बात मैं जानता हूं. पुलिस कमिश्नर के बयान का मतलब साफ है कि एसएस यादव को उनका कोई समर्थन नहीं मिलने वाला.
यादव और मीणा के बीच हुई थी बहस
2 दिन पहले एसीबी दफ्तर में 3 घंटे यादव और मीणा बीच बहस के बाद अब एडिशनल कमिश्नर एसएस यादव ने गंभीर इल्जाम लगाया है. यादव का कहना है कि उनकी जान को खतरा है. यादव ने विजिलेंस डायरेक्ट्रेट, एलजी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बाकायदा खत लिखकर ये खतरा जताया है.
यादव ने बताया अपनी जान का खतरा
यादव ने अपने पत्र में लिखा, '24 जून को शाम 7.30 बजे मीणा साहब ने मुझे फोन किया और दफ्तर बुलाया. दफ्तर पहुंचने पर मीणा साहब ने मुझसे FIR का रजिस्टर मांगा. वो FIR रजिस्टर दफ्तर से बाहर ले जाना चाहते थे. मैंने ऐसा करने से मना किया और कहा कि ये गलत है. इस पर मुझे और SHO समेत कुछ इंस्पेक्टरों को रात 11 बजे तक दफ्तर में रोका गया और परेशान किया गया. मुझसे कहा गया कि तुम्हारी नौकरी खराब हो जाएगी. मुझे डराया भी गया. मुझे जान का खतरा भी है.
दिल्ली पुलिस ने की रिपोर्ट तलब
दिल्ली पुलिस ने मीणा और यादव के बीच हुए इस विवाद की पूरी रिपोर्ट तलब की है. दिल्ली पुलिस एलजी से विजिलेंस के उस आदेश को भी निरस्त करने की मांग करेगी, जिसमें यादव को एसीबी का मुखिया मानते हुए कई निर्देश दिए गए हैं.
यादव पर गिर सकती है गाज
इस पूरे मामले में ज्वॉइंट सीपी मीणा ने एलजी से मिलकर उन्हे पूरे मामले की जानकारी दी. ये मुलाकात आधे घंटे तक चली. सूत्रों की मानें तो पुलिस अफसरों की इस जंग से जुड़ी सियासत को देखते हुए अब यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. एलजी उन्हें एसीबी दफ्तर से हटा सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो एसीबी के बहाने चल रही दिल्ली की केजरीवाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच सियासी जंग का एक नया चैप्टर शुरू हो सकता है.