Advertisement

अफ्रीकी देश माली में सेना का विद्रोह, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री हिरासत में, सड़कों पर आगजनी

पश्चिम अफ्रीकी देश माली में सेना ने देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. मंगलवार शाम और रात को राजधानी बामाको में विद्रोही सैनिको ने बड़े पैमाने पर फायरिंग की और वहां के राष्ट्रपति निवास और प्रधानमंत्री भवन को घेरकर राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधानमंत्री बाउबो सिसे को बंधक बना लिया है.

माली में सेना का विद्रोह (फोटो-एपी) माली में सेना का विद्रोह (फोटो-एपी)
aajtak.in
  • बामाको,
  • 19 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 6:50 AM IST

  • माली में तख्तापलट? सड़कों पर आगजनी
  • विद्रोहियों ने राष्ट्रपति-पीएम को हिरासत में लिया

पश्चिम अफ्रीकी देश माली में सेना ने देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. मंगलवार शाम और रात को राजधानी बामाको में विद्रोही सैनिको ने बड़े पैमाने पर फायरिंग की और वहां के राष्ट्रपति निवास और प्रधानमंत्री भवन को घेरकर राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधानमंत्री बाउबो सिसे को बंधक बना लिया है.

Advertisement

पूरे देश में इस समय उथल-पुथल की स्थिति है. माली में राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन हो रहा है. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से पद से हटने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब हालात हिंसक हो चुके हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक विद्रोही सैनिकों ने माली के राष्ट्रपति का निजी निवास घेर लिया और हवा में गोलियां चलाई. माली में उथल पुथल का माहौल आर्मी का केंद्र रहे काटी शहर से शुरू हुआ. यहां पर सैनिक शास्त्रागार में घुस गए और हथियारों पर कब्जा कर लिया इसके बाद उन्होंने सीनियर मिलिट्री अधिकारियों को बंदी बना लिया.

देखते ही देखते पूरे शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी सड़क पर निकल गए और नारेबाजी करने लगे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने माली के न्याय मंत्री के घर को आग के हवाले कर दिया. हालांकि इस बीच प्रधानमंत्री ने सैनिकों से हथियार रखने और देश का दिख सर्वोपरि रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी नहीं सुनी. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका संवाद से हल नहीं हो सकता है. इससे पहले दिन में सशस्त्र सैनिक सरकारी दफ्तरों में घुस गए और वहां कब्जा करने लगे.

Advertisement

बता दें कि माली कभी फ्रांस का उपनिवेश रहा है. माली में 2012 में भी एक तख्तापलट हुआ था, तब यहां आतंकवाद की घटनाएं बढ़ी है.

संयुक्त राष्ट्र ने विद्रोही सैनिकों से अपील की है कि वे बिना शर्त राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिहा करें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement