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Explainer: कई देशों के साथ भारत का 'एयर बबल्स' करार, जानें क्या हैं इसके मायने

एयर बबल्स को हवाई क्षेत्र में दो देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय करार को कहा जाता है. यानी एयर बबल्स दो देशों के बीच हवाई सेवा के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया यात्री विमान संचालन को लेकर करार होता है.

कोविड समस्या के चलते देश कर रहे हवाई उड़ानों को लेकर करार (फाइल फोटो-PTI) कोविड समस्या के चलते देश कर रहे हवाई उड़ानों को लेकर करार (फाइल फोटो-PTI)
पॉलोमी साहा
  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 8:08 AM IST

  • हवाई उड़ानों को लेकर कई देशों से हुआ समझौता
  • कोरोना संकट में शर्तों के साथ यात्रा की इजाजत
  • कोविड समस्या के चलते देश कर रहे ऐसा करार

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने 'एयर बबल्स' शब्द का इस्तेमाल किया. तब से हर कोई इसके बारे में पूछ रहा है कि आखिर ये होता क्या है?

अगर आप अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे हैं तो समझ लीजिए कि यह आपके लिए है. सरल भाषा में कहें तो 'एयर बबल्स' को हवाई क्षेत्र में दो देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय करार को कहा जाता है. यानी एयर बबल्स दो देशों के बीच हवाई सेवा के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया एयर कॉरिडोर होता है.

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इसमें दोनों देशों के बीच करार के तहत हवाई यात्रा को मंजूरी दी जाती है. कोरोना संकट की वजह से लगी बंदिशों के बीच आवश्यक शर्तों का ध्यान रखते हुए दो देश आपस में एयर बबल्स शुरू कर सकते हैं. सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है. भारत दुनिया के कई देशों के साथ इस प्रक्रिया में जुटा हुआ है, ताकि वह अपने विमानों को उन देशों से आने-जाने की अनुमति दे सके. यह करार भारतीय ऑपरेटर्स को छोड़ कर है.

पहले क्या थी व्यवस्था

इससे पहले, सिर्फ वंदे भारत मिशन का ही विकल्प था. इसके तहत दुनियाभर से भारतीयों को लाने के लिए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और उसके बाद इंडिगो और स्पाइसजेट के विमान संचालित किए गए. दुनिया के तमाम देशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए इन उड़ानों का संचालन किया गया. इस दौरान किसी यात्री के लिए यही एक मात्र विकल्प था, जब विभिन्न देशों से भारतीयों को लाने के लिए भारत से विमानों ने उड़ान भरी.

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हमने अब तक कितने देशों से 'एयर बबल्स' को लेकर करार किए हैं?

करार के मुताबिक अमेरिका के यूनाइडेट एयरलाइंस 17 से 31 जुलाई तक भारत और अमेरिका के बीच 18 उड़ानों का संचालन करेगी. ये फ्लाइट अमेरिका से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी. इसी तरह, एयर फ्रांस 18 जुलाई से 1 अगस्त के बीच दिल्ली/ मुंबई और बेंगलुरु के लिए कुल 28 फ्लाइट्स का संचालित करेगी. जर्मनी की एयरलाइंस कंपनी लुफ्थांसा भी दो सप्ताह के लिए उड़ानों का संचालन करेगी.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों ने बताया, 'एयर बबल्स' स्थापित करने के लिए ब्रिटेन के साथ बातचीत चल रही है. इस बीच, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच 12 जुलाई से उड़ानें जारी हैं. इसके तहत 15 दिनों के लिए संयुक्त अरब अमीरात के विमानों को भारत से आने-जाने की अनुमति दी गई है. इससे पहले अमीरात ने फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लाने की अनुमति दी थी. लेकिन उसने भारतीय नागरिकों को लाने के अलावा किसी अन्य तरह की इजाजत नहीं दी थी. नई व्यवस्था के तहत ICA ने संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों को 26 जुलाई तक भारत से अब वापस उड़ान भरने की मंजूरी दी है.

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नई व्यवस्था पर बात करते हुए उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को कहा, 'जब तक अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड़ान कोरोना से पहले वाली स्थिति में नहीं आ जाती हैं तब तक 'एयर बबल्स' वाली व्यवस्था चलेगी.'

कमर्शियल अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान अभी नहीं

लेकिन यहां 'एयर बबल्स' का मतलब वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान संचालन को फिर से शुरू करना नहीं है. ये अभी भी प्रत्यावर्तन उड़ानें हैं, जहां देशों ने एक-दूसरे के देश को उड़ान भरने की अनुमति देने पर सहमति जाहिर की है, लेकिन शर्तें लागू रहेंगी.

इससे पहले कि आप किसी देश में जाने के लिए हवाई टिकट बुक करें, यह सुनिश्चित कर लें कि गंतव्य देश आपके प्रवेश की अनुमति दे रहा है या नहीं. अधिकांश देशों में अभी भी पर्यटकों के प्रवेश पर बंदिश लगी है. मसलन, गृह मंत्रालय ने 1 जून को जारी एक ज्ञापन में कहा था कि केवल ऐसे व्यक्ति, जो गंतव्य देशों के नागरिक हैं; जो ग्रीन कार्ड या ओसीआई कार्ड धारक हैं; जो तीन महीने की विशिष्ट वैधता के साथ उस देश का वीजा लिए हुए हैं, वही विदेश यात्रा कर सकते हैं. साथ ही, किसी शिक्षण संस्थान में रोजगार/इंटर्नशिप/ प्रवेश की पेशकश वाले भारतीय नागरिकों को एक महीने की न्यूनतम विशिष्ट वैधता के साथ उस गंतव्य देश के वीजा के साथ जाने की अनुमति दी जा सकती है. लेकिन याद रखें, यह अभी भी गंतव्य देश की तरफ से निर्धारित नियमों के अधीन है, जिसके लिए भारत रियायतें देता है.

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विदेशियों के लिए भारत की यात्रा के नियम

इसी तरह भारत की यात्रा करने के इच्छुक विदेशियों को भारतीय प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करना होगा. भारत में यात्रा करने की जिन श्रेणियों में अनुमति दी जाएगी उनमें स्वास्थ्य सेवा, व्यवसाय, विनिर्माण, इंजीनियरिंग/प्रबंधकीय/डिजाइन विशेषज्ञ और कुछ अन्य शामिल हैं. विशिष्ट परिस्थितियों को लेकर भारतीय प्रशासन की संतुष्ट के बाद विदेशियों को अनुमति मिल सकती है.

एयर इंडिया के एकाधिकार का सवाल

तो सवाल है कि क्या भारत से अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी की यात्रा के दौरान इन विकल्पों को लेने से फायदा होगा? क्या टिकट की कीमत पर यह एयर इंडिया के एकाधिकार को कम कर देगा? विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तव में ऐसा नहीं है.

इंडिया टुडे से बात करते हुए LiveFromALounge.com के फाउंडर अजय अवतानी ने बताया, 'एक बार देशों की सीमा खुलने और यात्रा शुरू होने के बाद ही प्रतिस्पर्धी वाणिज्यिक मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी. तब तक हवाई उड़ान सीमित होने के कारण आवाजाही वाली उड़ानों का मूल्य निर्धारित करने में सक्षम रहेंगी. एयर इंडिया ने पिछले दिनों अमेरिका और ब्रिटेन के लिए अपनी उड़ानों की कीमत में लगभग 20-30% की कमी कर दी है. प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है, और उम्मीद यह भी है कि आने वाले दिनों में पेरिस और जर्मनी के लिए हवाई की टिकट कीमतों में गिरावट आएगी.'

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उन्होंने बताया, 'हालांकि, हवाई टिकट के मूल्य निर्धारण में गिरावट काफी हद तक सीमित रहेगी क्योंकि एयर इंडिया अभी तक इन हवाई रास्तों पर उड़ान भरने वाली प्रमुख एयरलाइन बनी रहेगी. उदाहरण के लिए बता दें कि एयर इंडिया भारत और अमेरिका के बीच 180 उड़ानों का संचालन करेगी. इसका मतलब है कि वह अपनी ओर से तय किए गए टिकट की कीमत पर विमानों का संचालन करेगी. अतीत में एयर इंडिया के मूल्य निर्धारण को कम किया है, लेकिन क्या अगस्त में ऐसा होना बाकी है. पेरिस के लिए एयर फ्रांस ने एयर इंडिया के समान मूल्य पर उड़ान भरी, इसलिए मुझे विश्वास है कि कीमतों में और गिरावट नहीं आएगी.'

अब उन सवालों के उत्तर जान लेते हैं जिनके पास वीजा है, क्या वो किसी भी देश की यात्रा कर सकते हैं?

1. जिनके पहले से वीजा है, वो यात्रा कर सकेंगे?

जवाब- हर तरह के वीजा धारक को गंतव्य देश में जाने की अनुमति नहीं है. यह गंतव्य देश के विवेक पर निर्भर करता है कि वो इसकी इजाजत देता है या नहीं. यह देश-देश पर निर्भर करता है.

2. उन लोगों के बारे में क्या जो वीजा के लिए नए सिरे आवेदन करना चाहते हैं?

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जवाब- फिर यही कहेंगे कि यह गंतव्य देश के विवेक पर निर्भर करता है कि वो इसकी इजाजत देता है या नहीं. यह देश-देश पर निर्भर करता है. अधिक जानकारी के लिए गंतव्य देश के दूतावास से संपर्क करें.

3. स्टोरी से इतना समझ में आया कि पर्यटकों को विदेश यात्रा की अनुमति नहीं है. यह स्पष्ट करें कि कौन यात्रा कर सकता है.

जवाब- अलग-अलग देशों के अलग-अलग नियम कानून हैं. हर देश ने सैलानियों के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं. इस संदर्भ में सबके अपने नियम कायदे हैं.

4. गंतव्य देश में कोरोना टेस्टिंग, क्वारनटीन के नियमों के बारे में भी बताएं, क्या यात्रा करते समय कोरोना निगेटिव का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए?

जवाब-40 से अधिक देशों में आप अभी वंदे भारत मिशन (VBM) उड़ानों के जरिये यात्रा कर सकते हैं.

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