
कर्नाटक के कलबुरगी में एक महिला पुलिस अफसर ने दिलेरी का नायाब नमूना पेश किया है. यहां वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दो बदमाशों को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिस अफसर ने उनका पीछा किया. बदमाश उनकी तरफ गोली चलाने लगे. लेकिन बिना डरे इन्होंने दोनों बदमाशों को धर दबोचा. हालांकि, पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पुलिस महानिरीक्षक (उत्तर पूर्वी रेंज) आलोक कुमार ने बताया कि सब इंस्पेक्टर अक्का महादेवी ने वो कार्य किया, जो अभी तक सूबे में किसी महिला पुलिस ने नहीं किया. उनकी हिम्मत और जांबाजी पूरा महकमा सलाम कर रहा है. मुख्यमंत्री पदक के लिए हम उनका नाम भेजेंगे. इसके साथ ही इसमें शामिल अन्य पुलिसकर्मियों को इनाम दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि दोनों शातिर बदमाश चेतन कुमार और शिवकुमार पर आठ से ज्यादा क्रिमिनिल केस दर्ज हैं. इन पर डकैती, किडनैपिंग और मर्डर की कोशिश जैसे संगीन इल्जाम हैं. इनकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और धर दबोचा. दोनों को जेल भेज दिया गया है. हमारी पूरी कोशिश है कि एक साल से पहले ये रिहा न हो पाएं.
महिला अफसरों की कहानी
बताते चलें कि देश के अंदर ऐसे जाबांज पुलिस अफसरों की कमी नहीं है, जो अपनी जान की बाजी लगाकर कानून की रक्षा करते हैं और वर्दी की मान बढ़ा देते हैं. इस कड़ी में गुजरात की मंजिता वंजारा, यूपी की मंजिल सैनी और सोनिया सिंह जैसी महिला पुलिस अफसर आज लोगों के सामने एक मिसाल हैं. इनकी जिंदगी सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं.
मंजिता वंजारा की दिलेरी
गुजरात के अहमदाबाद में बॉलीवुड की किसी एक्शन थ्रिलर की तरह लेडी पुलिस अफसर मंजिता वंजारा ने बुर्का पहन कर जुए के अड्डे पर छापा मार था. उनके साथ में सादी ड्रेस में बस एक सब इंस्पेक्टर मौजूद था. उस वक्त अड्डे पर 28 हार्डकोर जुआरी मौजूद थे. ऐसे में बिना महिला डीसीपी ने सभी बदमाशों को दिन में तारे दिखा दिए थे.
लेडी सिंघम मंजिल सैनी
यूपी के मेरठ में तैनात IPS अफसर मंजिल सैनी लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हैं. उनकी ईमानदारी और अनुशासन के उदाहरण दिए जाते हैं. मंजिल सैनी का जन्म 19 सितंबर 1975 को दिल्ली में हुआ था. स्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने डीयू से पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विस की परीक्षा दिया और 2005 में आईपीएस अफसर बन गईं.