
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला किया है. योगी कैबिनेट ने उत्तर-प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) के तहत हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है.
अखिलेश राज में हुई भर्तियों की जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मीटिंग में 1 मार्च 2012 से 31 मार्च 2017 तक की गई भर्तियों की जांच कराने का प्रस्ताव पास किया है. यानी अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते यूपी में पीएससी के तहत जो भी भर्तियां की गईं, उन सभी की सीबीआई जांच की मांग की गई है.
इससे पहले 19 जुलाई को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के बजट सत्र में अखिलेश सरकार में यूपीपीएससी के परीक्षा परिणामों की सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी.
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के लिए फरमान जारी किया है. योगी ने मंत्रियों से राजधानी के अलावा दूसरे जिलों में भी जाने के निर्देश दिए हैं. जिसके तहत मंत्रियों को हफ्ते में सिर्फ दो दिन ही लखनऊ में रहना होगा, जबकि 1 दिन अपने विधानसभा क्षेत्र और 3 दिन दूसरे जिलों में जाना होगा.
बता दें यूपीपीएससी में बड़े पैमाने पर धांधलियों की बात सामने आई थीं. आयोग पर नियुक्तियों में पक्षपात के आरोप भी लगे थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद संभालने के बाद आयोग के चेयरमैन को भी तलब किया था. उन पर एक विशेष जाति के लोगों की भर्ती का आरोप था.हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 2012 के बाद सभी विभागों की नियुक्तियों की जांच की बात कही थी.