
करीब दो हफ्ते पहले दिल्ली के कालकाजी में एक ATM यूज करने के बाद लोगों ने उनके अकाउंट से पैसे गायब होने की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस को जांच में कोई क्लोनिंग डिवाइस नहीं मिला. आमतौर पर क्लोनिंग डिवाइस ही इस तरह के अपराधों में उपयोग में लाए जाते हैं. क्लोनिंग डिवाइस नहीं मिलने पर पुलिस ने इस अपराध में किसी दूसरे तकनीक के उपयोग होने की आशंका जताई.
गैजेट्स नाउ की खबर के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि अकाउंट से पैसे गायब होने के ढेर सारे मामले लोगों ने रजिस्टर कराए. सारे मामलो में एक समानता ये थी कि सबने साउथ दिल्ली के कालकाजी में DDA फ्लैट के पास वाला ATM उपयोग किया था. ATM उपयोग करने के बाद कुछ लोगों के लाखों रुपये तक उड़ गए.
शुरुआती जांच से ऐसे लगा कि स्किमर का उपयोग किया गया है. ये एक तरह का मशीन होता है जिसे गुप्त तरीके से ATM में प्लग किया जाता है, जो किसी भी कार्ड का कॉपी बनाता है. स्किमर आमतौर पर उस जगह पर जोड़ा जाता है जहां कार्ड स्वाइप किया जाता है या, एक ओवरले डिवाइस को मशीन के कीपैड पर रखा जाता है, जो उपयोगकर्ता के पिन को नोट करता है.
हालांकि जब पुलिस वालों को इस तरह का कोई भी बग कालकाजी के मशीन में नहीं मिला तो उन्हें हैरानी हुई. इससे उन्हें संदेह हुआ कि अपराधियों ने कुछ समय के लिए दर्जनों लोगों को लूटने के इरादे से मशीन को हैक किया होगा. पुलिस का मानना है कि मशीन पर पहले मैलवेयर अटैक किया गया होगा. उसके बाद उन्होंने लोगों को इन्फेक्टेड मशीन को उपयोग करने दिया होगा. इससे उनके कार्ड डिटेल लिए गए होंगे.
पुलिस ने ये भी संभावना जताई है कि हैकर्स ने डिटेल को पहले ब्लैंक कार्ड में कॉपी किया होगा और फिर मुंबई में ट्रांजैक्शन किया होगा. पुलिस किसी अंदरुनी आदमी के मिले होने की जांच कर रही है, जो बैंक नेटवर्क की सिक्योरिटी में किसी तरह की कमजोरी को जानता हो.