किसी भी स्मार्टफोन या फीचर फोन में सेल्युलर नेटवर्क के लिए SIM कार्ड का इस्तेमाल होता है. पिछले दो दशक में जहां मोबाइल फोन्स तेजी से विकसित हुए हैं. वहीं सिम कार्ड लंबे समय से उसी तरह से इस्तेमाल होते आ रहे हैं. हालांकि, कुछ साल से eSIM का इस्तेमाल शुरू हुआ है, लेकिन अभी भी लोग फिजिकल सिम कार्ड को ज्यादा महत्व देते हैं.
ऐसे में Qualcomm ने Vodafone और Thales के साथ मिलकर एक नई कोशिश की है, जिसे iSIM का नाम दिया गया है. आइए जानते हैं इस टेक्नोलॉजी की डिटेल्स.
iSIM एक नई टेक्नोलॉजी है, जो डिवाइस के मेन प्रोसेसर के साथ सिम कार्ड के फंक्शन को इनेबल करती है. यानी आपको इस टेक्नोलॉजी की वजह से सिम कार्ड की जरूरत नहीं होगी, बल्कि फोन का प्रोसेसर इन-बिल्ट सिम कार्ड के साथ आएगा.
Qualcomm का कहना है कि इसके इस्तेमाल से बेहतर परफॉर्मेंस, ज्यादा मेमोरी कैपेसिटी और बेहतर सिस्टम इंटीग्रेशन मिलेगा. इस टेक्नोलॉजी का मतलब है कि सिम कार्ड का इस्तेमाल मोबाइल फोन के अलावा भी हो सकेगा.
iSIM टेक्नोलॉजी की मदद से सिम कार्ड को लैपटॉप, IoT डिवाइसेस, स्मार्ट वॉच और यहां तक की वर्चुअल रियलिटी प्लेटफॉर्म्स पर भी जोड़ा जा सकता है. Qualcomm का कहना है कि इसका फायदा कई लेवल पर होगा. फिलहाल इसकी मदद से डिवाइस के डिजाइन और परफॉर्मेंस को बेहतर किया जा सकेगा.
साथ ही इस टेक्नोलॉजी की मदद से आप सिम कार्ड को उन डिवाइसेस से भी जोड़ सकेंगे, जिनसे कभी सोचा नहीं होगा. iSIM टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल खासकर IoT डिवाइसेस में किया जा सकता है. हालांकि, टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर मेन स्ट्रीम में इस आइडिया को लाने के लिए अभी काम करना है.
वोडाफोन और Qualcomm ने इस कॉन्सेप्ट की झलक दिखाई है. इसका डेमो यूरोप में वोडाफोन के नेटवर्क पर किया गया है. इसके लिए Samsung Galaxy Z Flip 3 5G डिवाइस का इस्तेमाल किया गया है, जो Snapdragon 888 प्रोसेसर और Thales iSIM ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है.