देश में कोरोना से हालात दिन ब दिन बिगड़ते ही जा रहे हैं. इस बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है. क्योंकि, कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत बहुत पड़ रही है. ऐसे में कुछ लोगों के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऑनलाइन ऑर्डर करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. हम यहां आपको कुछ ऑनलाइन पोर्टल्स के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप इन्हें ऑर्डर कर सकते हैं.
यूजर्स ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऐमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. हालांकि, इनके स्टॉक खाली होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है. ऐसी स्थिति में यूजर्स कुछ दूसरी वेबसाइट्स का रूख कर सकते हैं.
साथ ही ध्यान रखें कि कुछ लोग नेबुलाइजर और ह्यूमिडिफायर्स को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बताकर बेच रहे हैं और लोगों के साथ इस आपदा की घड़ी में भी धोखाधड़ी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. इसलिए खरीदने से पहले थोड़ी ब्रैंड को लेकर रिसर्च कर लें और संभव हो तो किसी मेडिकल प्रोफेशनल से कंसल्ट कर लें.
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में कुछ वेबसाइट्स के नाम दिए हैं जिनसे ऑनलाइन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऑर्डर किए जा सकते हैं. ये है लिस्ट:
1MG – Equinox EQ-OC-09, Inogen One G5, Oxlife Portable OC (50,000 रुपये से लेकर 2,95,000 रुपये तक)
Tushti Store – OCM T51, OCM 5Y, OCM T25, OCM Q1 (63,333 रुपये से लेकर 1,25,999 रुपये तक)
Nightingales India – Devilbiss OC, Inogen G3, Olex OC, Oxymed, Philips (37,800 रुपये से लेकर 2,15,000 रुपये तक)
Healthklin – Aspen OC1 Plus, Aspen OC2 Plus, Equinox, Hemodiaz (35,000 रुपये से लेकर 51,000 रुपये तक)
Healthgenie – HG 503, HG 501, Equinox, Life Plus OC (27,499 रुपये से लेकर 1,29,999 रुपये तक)
ColMed – Yuwell, Devilbiss, Nidek Nuvolite, Greens OC (34,157 रुपये से लेकर 1,06,400 रुपये तक)
साथ ही आपको बता दें भारत सरकार ने 31 जुलाई तक निजी उपयोग के लिए विदेशों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर इंपोर्ट करने की भी इजाजत दे दी है. ऐसे में अगर आपके कोई दोस्त या रिश्तेदार बाहर रहते हैं तो आप उनसे कूरियर के जरिए मंगा भी सकते हैं.
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कैसे काम करता है?
ये डिवाइस आसपास मौजूद हवा को फिल्टर कर काम करती है. हमारे वातावरण में जो हवा है उसमें केवल 21 प्रतिशत ऑक्सीन, 78 प्रतिशत नाइट्रोजन और 1 प्रतिशत दूसरे गैस होते हैं. ये डिवाइस हवा से केवल ऑक्सीजन को फिल्टर करती है और नाइट्रोजन को वापस हवा में छोड़ देती है. इसके बाद यूजर को जो एयर मिलता है उसमें 90-95 प्रतिशत ऑक्सीजन होता है.