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आम लोगों को ठगने के लिए साइबर क्रिमिनल्स अलग-अलग तरीके तैयार कर रहे हैं और लोगों को चूना लगा रहे हैं. कई साइबर फ्रॉड के मामलों में कई लोगों की पूरी जिंदगी की कमाई लुट जाती है. यहां तक कि कुछ Sextortion केस में विक्टिम अपनी जान तक गंवा देते हैं. भोले-भाले लोगों को इस समस्या से बचाने के लिए, सरकार ने दो सर्विस को लॉन्च किया है.
सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव और दूरसंचार राज्यमंत्री देवुसिंह जेसिंगभाई चौहान शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने दो प्लेटफॉर्म को पेश किया है. इनके नाम Digital Intelligence Platform (DIP) और Chakshu (चक्षु) हैं.
DIP की मदद से साइबर क्रिमिनल्स को टेलीकम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करने से रोका जाएगा और अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर कम्यूनिकेशन होगा. वहीं चक्षु (Chakshu) को संचार साथी पोर्टल पर लॉन्च किया है. यह दोनों साइबर क्राइम पर लगाम लगाने में मदद करेंगे.
Digital Intelligence Platform को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन ने तैयार किया है. यह एक सिक्योर और इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म है.यह प्लेटफॉर्म रियल टाइम इंफोर्मेशन को एक्सचेंज करेगा और दूसरे प्लेटफॉर्म के साथ कॉर्डिनेट करेगा, जैसे टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर, बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डॉक्यूमेंट अथॉरिटी को भी इसकी सूचना देगा.
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संचार साथी पोर्टल पर चक्षु (Chakshu) को शामिल किया है. चक्षु आम लोगों को सुविधा देगा कि वह फ्रॉड कम्यूनिकेशन और संदिग्ध की जानकारी दे सकें. फोन कॉल, SMS, WhatsApp के जरिए साइबर ठगी होती है, तो उसकी जानकारी यहां दे सकते हैं. पहले भी संचार साथी पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट कर सकते थे, अब इसे पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर किया है.
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The Sanchar Saathi पोर्टल को साल 2023 में लॉन्च किया था. यह यूजर्स को सुविधा देता है कि वह अपने गुम और चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्ट कर सके और उसे ब्लॉक करा सकें. इसके अलावा KYC (TAFCOP) भी इससे कनेक्ट है. Sanchar Saathi पोर्टल जब से लॉन्च हुआ है, तब से अलग-अलग कारणों से करीब 1 करोड़ मोबाइल नंबर को डिसकनेक्ट किया जा चुका है.