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विदेश जाकर 'साइबर गुलामी' में फंस गए 30 हजार भारतीय! सबसे ज्यादा पंजाब के लोग

'साइबर गुलामी' को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है, जहां गृह मंत्रालय को आशंका है कि करीब 30 हजार लोगों विदेशी यात्रा पर गए और अभी तक वापस नहीं लौटे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों को नौकरी को झांसा देकर और पासपोर्ट जब्त कर जबरदस्ती साइबर ठगी के काम में लगाया गया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

साइबर फ्रॉड.  (Photo: Getty) साइबर फ्रॉड. (Photo: Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 01 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 9:13 AM IST

साइबर ठग को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है, जहां दूरिस्ट वीजा पर गए करीब 30 हजार भारतीय वापस नहीं लौटे हैं. आशंका जताई जा रही है कि इन लोगों से साइबर गुलाम बनाया है और इन पर दबाव बनाकर साइबर क्राइम को अंजाम दिया जा रहा है. 

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली आप्रवासन ब्यूरो (BoI) ने एक डेटा तैयार किया और उसमें इसकी जानकारी मिली है कि कंबोडिया, थाइलैंड, म्यांमार और वियतनाम में विजिटर वीजा पर जनवरी 2022 से मई 2024 के बीच 73,138 यात्री भारत से यात्रा पर गए थे.

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इतने हजार लोग वापस लौटे नहीं 

इसमें से 29,466 भारतीय अभी तक वापस लौटे नहीं हैं. इसमें 20-39 आयु वर्ग के लोगों की संख्या करीब आधी यानी 17,115 है. ये जानकारी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से मिली. इसमें 90 परसेंट लोग पुरुष हैं.

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सबसे ज्यादा इन राज्य से गए लोग 

भारत वापस ना लौटने वालों में सबसे ज्यादा लोग पंजाब (3,667), महाराष्ट्र (3,233), तमिलनाडु राज्य (3,124) से हैं. अन्य राज्यों से जाने वाले लोगों की संख्या काफी कम है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि इन लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है और भारत में रह रहे लोगों के साथ साइबर ठगी करने का दवाब बनाया जा रहा है. इन लोगों को नौकरी का लालच देकर साइबर गुलाम बनाया है.  

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साइबर गुलामी क्या है? 

साइबर गुलामी के तहत काम करने वाले लोगों पर दवाब बनाया जाता है. इसमें इंटरनेट पर मौजूद प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को टारगेट किया जाता है. भारतीय होने की वजह से कई लोग हिंदी और स्थानीय भाषा बोल सकते हैं. इस तरह के झांसे में कई लोग फंस जाते हैं, उसके बाद वे अपने लाखों रुपये गंवा देते हैं. 

राज्यों को वेरिफिरेशन करने का कहा 

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि केंद्र सरकार की एक उच्च स्तरीय समिति ने अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों सत्यापन करने और इन लोगों की डिटेल्स लेने का निर्देश दिया है. बताते चलें कि हाल ही भारत में साइबर ठग के कई केस सामने आए हैं, जहां लोगों को अलग-अलग झांसे देकर लूटा जा रहा है. 

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