Advertisement

लाखों भारतीयों का डेटा 'बोट मार्केट' में बिक्री के लिए उपलब्ध, कीमत 490 रुपये, खरीदार की तलाश में हैकर्स

लाखों भारतीय यूजर्स के डेटा को बेचा जा रहा है. हैकर्स ने इन डेटा को मैलवेयर के जरिए हासिल किया है. इसकी कीमत भी लगाई जा चुकी है. डेटा को पैकेट्स में बेचा जाता है. इसमें डिजिटल फिंगरप्रिंट, स्क्रीनशॉट्, कुकीज और दूसरी जानकारियां होती हैं. 

यूजर का डेटा 500 रुपये से भी कम में बेचा जा रहा है यूजर का डेटा 500 रुपये से भी कम में बेचा जा रहा है
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

Data आज के समय में काफी कीमती है. कई स्कैमर्स यूजर्स के डेटा को चुराने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं. इन डेटा को डार्क वेब या दूसरी जगहों पर बेचा जाता है. अब एक नई रिपोर्ट आई है. इसमें बताया गया है कि लाखों भारतीय यूजर्स के डेटा की चोरी कर बेचा जा रहा है. 

दुनिया में इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है. बोट मार्केट में उपलब्ध 12 परसेंट डेटा भारतीयों का है.रिपोर्ट की माने तो एक भारतीय का डेटा केवल 490 रुपये में बिक रहा है. इसको लेकर साइबर सिक्योरिटी कंपनी NordVPN ने जानकारी दी है. 

Advertisement

आपको बता दें कि बोट मार्केट ऑनलाइन मार्केटप्लेस है. यहां हैकर्स विक्टिम के डिवाइस से चुराए गए डेटा को बेचते हैं. इन डेटा को बोट मैलवेयर की मदद से चुराया जाता है. जबकि डेटा को पैकेट्स में बेचा जाता है. इसमें डिजिटल फिंगरप्रिंट, स्क्रीनशॉट्, कुकीज और दूसरी जानकारियां होती हैं. 

इस बढ़ते हुए खतरे ने अभी तक ग्लोबली 50 लाख लोगों को प्रभावित किया है. जबकि भारत के करीब 6 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. हैकर्स वेबकैम, स्नैप, स्क्रीनशॉट्स, अप-टू-डेट लॉगिन्स, कुकीज और दूसरी जानकारियां भी बेचते हैं. 

प्रति डेटा की औसत कीमत 490 रुपये

रिसर्चर्स के अनुसार, 50 लाख लोगों की ऑनलाइन आइडेंटिटी चुरा कर बोट मार्केट में बेची जा रही है. इसकी कीमत एवरेज 490 रुपये है. सिक्योरिटी कंपनी को कम से कम 26.6 मिलियन चोरी किए लॉगिन्स मिले. इसमें 720,000 गूगल लॉगिन्स, 654,000 Microsoft लॉगिन्स और 647,000 Facebook लॉगिन्स थे. 

Advertisement

तेजी से बढ़ रहे हैं डिजिटल बोट्स

डिजिटल बोट्स आज के समय में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. इनको कस्टमर सर्विस, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और एंटरटेनमेंट के फील्ड में ऑपरेट किया जाता है. सभी बोट्स अच्छे नहीं होते हैं. इनमें से कई मैलेशियस हो सकते हैं. 

RedLine, Vidar, Racoon, Taurus और AZORult कुछ पॉपुल मैलवेयर हैं जो डेटा की चोरी कर उसे जमा करते हैं. फिर इन डेटा को बोट मार्केटप्लेस में बेचा जाता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह का ही एक मार्केट 2easy है. इसको साल 2018 में लॉन्च किया गया था. पहले इसे दूसरे मार्केट की तुलना में काफी छोटा माना जाता था. अब यहां 269 देशों से 600,000 चोरी किए गए डेटा लॉग को बेचा जाता है. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement