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पहली बार इंसानी दिमाग में लगा चिप, Elon Musk के Neuralink ने कर दिखाया कमाल, बिना छुए काम करेंगे फोन और लैपटॉप

Elon Musk के Neuralink ने एक बड़ा कारनामा करके दिखाया है. Neuralink ने Human Brain पर चिप का इंप्लांट कर दिया है. इसकी जानकारी खुद Elon Musk ने दी है, उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के ब्रेन पर चिप लगाया है, उसकी हालत में सुधार हो रहा है. इस प्रोडक्ट का नाम Telepathy है. यह उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है, जिनके हाथ पैर काम नहीं करते हैं.

Elon Musk के Neuralink ने इंसानी ब्रेन में चिप लगाया. (सांकेतिक फोटो) Elon Musk के Neuralink ने इंसानी ब्रेन में चिप लगाया. (सांकेतिक फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 30 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

Elon Musk के Neuralink ने एक बड़ा काम करके दिखाया है. पहली बार इंसानी दिमाग में चिपसेट को इंप्लांट कर दिया. इसकी जानकारी खुद Elon Musk  ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके दी. दरअसल, बीते लंबे समय से इस पर काम जारी है और सितंबर में कंपनी को US Food and Drug Administration की तरफ से टेस्टिंग को मंजूरी मिली थी. 

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Elon Musk  ने X प्लेटफॉर्म  पर बताया कि Neuralink की तरफ से पहली बार इंसान के ब्रेन पर रविवार को चिप इंप्लांट किया और अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है. साथ ही Musk ने X पर पोस्ट करके, Neuralink के प्रोडक्ट का नाम और उससे होने वाले फायदों के बारे में बताया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. 

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Neuralink के प्रोडक्ट को Telepathy नाम दिया है. इसको लेकर Elon Musk ने बताया कि यह उन लोगों के लिए बड़ा ही उपयोगी साबित होगा, जिनके हाथ या पैर नहीं है या फिर वह काम नहीं करते हैं. इसकी मदद से यूजर्स दिमाग से ही कंप्यूटर और स्मार्टफोन को कंट्रोल कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि सोचिए अगर माने-माने वैज्ञानिक Stephen Hawking सिर्फ इसकी मदद से कम्यूनिकेट कर पाते है. 

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Elon Musk का ट्वीट 

अभी इस ट्रायल का मकसद वायरलेस ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस पर काम करना है. इसमें सर्जिकल रोबोट और इंप्लांट की सेफ्टी पर ध्यान दिया है. यह जानकारी रॉयटर्स से मिली. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Neuralink ने इसके लिए कुछ वालंटियर्स का सलेक्शन किया था और उन पर इसका ट्रायल शुरू किया. पहले रिपोर्ट्स में सामने आ चुका है कि कंपनी की लक्ष्य  2030 तक 22 हजार लोगों पर ब्रेन चिप को इंप्लांट करने का था. साल 2016 में Neuralink कंपनी की शुरुआत हुई थी. हालांकि कई बार Neuralink पर आरोप लग चुके हैं कि वह नियमों को तोड़ रही है. 

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