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कौन हैं भारतीय मूल के अशोक एलुस्वामी? जिनके मुरीद हुए Elon Musk, दिया Tesla AI का पूरा क्रेडिट

Elon Musk Thank You Note: ऐलॉन मस्क की सबसे सफल कंपनियों में से एक Tesla है. दुनियाभर में Tesla की कार पॉपुलर हैं, जिसकी वजह सिर्फ हार्डवेयर नहीं बल्कि Tesla का सॉफ्टवेयर है. ये कार्स कई ऐसे फीचर्स के साथ आती हैं, जिनकी दूसरे लोग कुछ साल पहले तक सिर्फ कल्पना कर सकते थे. मस्क ने इन सब के लिए अशोक एलुस्वामी को क्रेडिट दिया है.

अशोक एलॉन मस्क की Tesla में ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर के डायरेक्टर हैं. अशोक एलॉन मस्क की Tesla में ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर के डायरेक्टर हैं.
aajtak.in
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  • 12 जून 2024,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

Elon Musk ने रविवार को भारतीय मूल के अशोक एलुस्वामी के प्रति अपना आभार प्रकट किया. उन्होंने अशोक की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट लिखा. मस्क ने बताया कि अशोक पहले शख्स थे, जिन्हें Tesla Autopilot टीम के लिए नियुक्त किया गया था. 

मस्क ने अशोक को Tesla की AI और ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर में सफलता की वजह बताया है. मस्क ने ये सब कुछ अशोक की एक पोस्ट को कोट करते हुए लिखा है. उन्होंने लिखा कि अशोक और हमारी बेहतरीन टीम के बिना, हम भी एक कार कंपनी होते, जो एक ऑटोनॉमी सप्लायर खोज रहे होते, जो मौजूद ही नहीं है.

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Musk ने की तारीफ 

एलॉन मस्क ने लिखा, 'मैंने कभी भी अशोक को कुछ कहने के लिए सुझाव नहीं दिया और मुझे 10 मिनट पहले तक इस बात की बिलकुल जानकारी नहीं थी कि उन्होंने कुछ लिखा है.' दरअसल, अशोक एलुस्वामी ने एक डिटेल नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने Tesla और Elon Musk के बारे में बहुत कुछ बताया है. 

अशोक ने अपने नोट में क्या लिखा था

अशोक ने लिखा, 'Tesla में AI और ऑटोनॉमी के प्रमुख ड्राइवर Elon Musk ही रहे हैं. उन्होंने हमेशा हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, उस वक्त में भी जब इस तरह के आइडिया पर विचार करना भी असंभव था.' एलुस्वामी ने 2014 की उस घटना का भी जिक्र किया है, जब ऑटोपायलट की शुरुआत एक छोटे कंप्यूटर से हुई थी. 

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उन्होंने लिखा, '2014 में ऑटोपायलट की शुरुआत एक छोटे कंप्यूटर पर हुई थी, जिसमें केवल 384KB की मेमोरी थी. मस्क ने इंजीनियर्स से लेन चेजिंग, लेन कीपिंग, लॉन्गिट्यूड कंट्रोल, कर्वेचर और दूसरी चीजों में शामिल करने के लिए कहा. हमारी टीम में ही बहुत से लोगों को लगता था कि ये सब पागलपन है.'

'हालांकि, उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और टीम को हमेशा आगे बढ़ने और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहे. 2015 में सभी विषमताओं के बाद Tesla ने दुनिया का पहला ऑटोपायलट सिस्टम तैयार कर लिया. ऐसा दूसरा प्रोडक्ट सालों बाद मार्केट में आया.'

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अशोक ने अपने इस नोट में मस्क और Tesla से जुड़े कई पलों का जिक्र किया है. उन्होंने बताया है कि किस तरह से मस्क ने हमेशा उन चीजों में भरोसा दिखाया, जिसके बारे में दूसरे कल्पना भी नहीं कर सकते थे. उन्होंने ये भी लिखा कि मस्क ने 2021 में ह्यूमनॉयड पर काम शुरू किया, जब कोई ChatGPT या ऐसा कुछ दूसरा मौजूद भी नहीं था.

कौन हैं Ashok Elluswamy?

अशोक एलुस्वामी टेस्ला से लगभग 10 साल पहले जुड़े थे. उन्होंने Tesla को Elon Musk के एक ट्वीट के बाद जॉइन किया था, जिसमें उन्होंने ऑटोपायलट टीम के लिए हायरिंग की बात लिखी थी. अशोक रोबोटिक्स इंजीनियर हैं, जिन्हें कंप्यूटर विजन, परसेप्शन थ्रो प्लानिंग और कंट्रोल में एक्सपीरियंस है (LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक). 

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एलुस्वामी ने अपनी बैचलर डिग्री इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई से की है. उन्होंने रोबोटिक सिस्टम डेवलपमेंट के बारे में अमेरिका की Carnegie Mellon University में पढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने WABCO वीइकल कंट्रोल सिस्टम और फॉक्सवैगन में भी काम किया है. 

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