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क्या Telegram बन गया है Dark Web Lite? CEO की गिरफ्तारी के बाद उठे सवाल

Telegram News: टेलीग्राम CEO Pavel Durov की गिरफ्तार के बाद एक बार फिर ये प्लेटफॉर्म चर्चा में है. चर्चा इसके इस्तेमाल को लेकर हो रही है. दरअसल, फ्रांस में टेलीग्राम CEO को प्लेटफॉर्म पर जरूरी मॉडरेशन प्रक्रिया फॉलो नहीं करने की वजह से गिरफ्तार किया गया है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्राइवेसी के नाम पर कई फीचर्स मिलते हैं, जिनका गलत इस्तेमाल होता है.

Telegram कैसे बना डार्क वेब लाइट Telegram कैसे बना डार्क वेब लाइट
जैनम शाह/आकाश शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 28 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 12:40 PM IST

Telegram इन दिनों चर्चा में है. टेलीग्राम के CEO Pavel Durov को फ्रांस की राजधानी पेरिस में गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने की वजह से गिरफ्तार किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने टेलीग्राम पर जरूरी मॉडरेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. 

ये प्लेटफॉर्म दुनियाभर में काफी ज्यादा पॉपुलर है. इस पर लीक डेटा, पाइरेटेड मूवीज से लेकर मैलवेयर बेचने तक तमाम गतिविधियां होती है. इसे Dark Web Lite भी कहा जा सकता है. इस पर लगभग वो सभी काम होते हैं, जो डार्क वेब पर किए जाते हैं. पॉर्नोग्राफिक कंटेंट से लेकर चोरी का डेटा तक इस पर बेचा जाता है. भारत में भी ये प्लेटफॉर्म काफी पॉपुलर है.

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चोरी के डेटा से लेकर मैलवेयर तक बेचते हैं क्रिमिनल्स

कुछ दिनों पहले ही इंडिया टुडे ने रिपोर्ट किया था कि टेलीग्राम पर किस तरह के कोलकाता रेप मामले के नाम पर वीडियो सर्कुलेट किया जा रहा था. इस मामले में कोलकाता में अब तक प्रदर्शन हो रहे हैं. टेलीग्राम का इस्तेमाल सिर्फ चोरी के डेटा और मैलवेयर तक ही सीमित नहीं है. 

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इसका इस्तेमाल भारत विरोधी आतंकी संगठनों द्वारा भी किया जाता है. आतंकवादी इस प्लेटफॉर्म पर अपने टार्गेट को लिस्ट करते हैं, भारतीय जवानों पर हमले के वीडियो को इस प्लेटफॉर्म पर आतंकवादी शेयर करते हैं. इस पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े कंटेंट भी शेयर किए जाते हैं, जिसकी वजह से मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड IT ने साल 2023 में नोटिस भी जारी किया था. 

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क्यों है क्रिमिनल्स का पसंदीदा ऐप?

सवाल आता है कि साइबर क्रिमिनल्स से लेकर आतंकवादियों तक को ये प्लेटफॉर्म इतना पसंद क्यों है? इसकी वजह अपनी पहचान छिपाकर इस प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल कर पाना है. जहां दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूज करने के लिए आपको अपनी पहचान बनानी होती है.

वहीं टेलीग्राम पर आप गुमनाम रहते हुए भी सभी काम कर सकते हैं. इसके लिए आपको Fragment का इस्तेमाल करके ब्लॉकचेन बेस्ड नंबर लेना होता है. इस प्लेटफॉर्म को भी टेलीग्राम फाउंडर ने बनाया है. 

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इसके अलावा Secret Chat फीचर का इस्तेमाल करके दो लोगों के बीच की बातचीत एन्क्रिप्टेड रहती है. कंपनी इनकी जानकारी नहीं रखती है, जिस वजह से एजेंसियां इस बातचीत को ट्रैक नहीं कर सकती हैं. यही वजह है कि साइबर क्रिमिनल्स इस प्लेटफॉर्म को इतना ज्यादा पसंद करते हैं. 

आम लोगों में भी ये प्लेटफॉर्म काफी ज्यादा पॉपुलर है. इस प्लेटफॉर्म पर लोगों को हाल में रिलीज हुई मूवीज के लिंक मिल जाते हैं. इसके अलावा Netflix, Amazon Prime और दूसरे प्लेटफॉर्म के अनाधिकारिक ईमेल अकाउंट्स मिल जाते हैं, जिनके इनके कंटेंट को एक्सेस किया जा सकता है.

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