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रूस के 'मार्क जकरबर्ग' टैग से वॉन्टेड मैन तक...टेलीग्राम CEO की ऐसे बदल गई जिंदगी

Telegram CEO और फाउंडर Pavel Durov की गिरफ्तारी के बाद वह चर्चा में हैं. Elon Musk से लेकर Edward Snowden उनके समर्थन में आए हैं. आज यहां आपको Pavel Durov की जिंदगी के बारे में डिटेल्स में बताने जा रहे हैं. यहां हम बताएंगे कि कैसे वह रूस के मार्क जकरबर्ग से एक वॉन्टेड मैन बन गए. साथ ही उन्होंने कैसे Telegram की शुरुआत की. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Telegram CEO Pavel Durov Telegram CEO Pavel Durov
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 28 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

Telegram के फाउंडर और CEO Pavel Durov ने करीब एक दशक पहले रूस को छोड़ दिया था, क्योंकि सरकार की तरफ से उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि वह विपक्षी पार्टी के पेज और ग्रुप को बंद कर दें और यूजर्स डेटा शेयर करें. उन्होंने रूस में एक फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी, जिनका नाम Vkontakte था और उन्हें रूस के मार्क जकरबर्ग भी कहा जाने लगा था. आज आपको Pavel Durov के बारे में डिटेल्स में बताने जा रहे हैं कि वह कैसे रूस के मार्क जकरबर्ग के टैग से वॉन्टेड मैन बन गए और फ्रांस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. 

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Pavel Durov के बारे में जानने शुरुआत हाल ही में हुई गिरफ्तारी से करते हैं. शनिवार देर शाम को फ्रांस के एक एयरपोर्ट से Pavel Durov को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के पीछे की वजह  ऐप के मॉडरेटर में कमी और क्रिमिनल्स एक्टिविटिज को लेकर बताया. 

फ्रांस के राष्ट्रपति का बयान 

सोमवार को फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रॉन ने बताया कि Pavel Durov को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा कि उनका देश फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का समर्थन करता है, लेकिन कोई भी देश कानून से चलता है. कानून के मुताबिक आजादी के साथ कुछ नियम होते हैं, जो सोशल मीडिया और असल जिंदगी पर भी लागू होते हैं. 

इस गिरफ्तारी के पीछे की वजह कुछ भी हो, लेकिन कई लोगों के बीच में Pavel Durov अचानक हीरो बन गए हैं. दुनियाभर में ऐसे कई लोग हैं, जो ऊंची पोस्ट पर हैं और बोलने की आजादी का पूरा समर्थन करते हैं. ऐसे लोगों को लगता है कि यह एक तरह की सेंसरशिप है, खासकर तब जब पूरी दुनिया में जब ऑनलाइन कंटेंट बढ़ रहा है और कई देश की सरकारें उसे दबाने का कोशिश में हैं.  

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Elon Musk ने X पर किया पोस्ट, लिखा #FreePavel

दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक Elon Musk और Edward Snowden ने Pavel Durov का समर्थन किया है. मस्क ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर एक पोस्ट किया और उसें #FreePavel का इस्तेमाल किया. टेलीग्राम ने रविवार को जारी स्टेटमेंट में कहा कि वह यूरोपीय यूनियन के कानून का पालन करते हैं. कंपनी ने कहा कि यह दावा गलत है कि उनका प्लेटफॉर्म और प्लेटफॉर्म मालिक उसके दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार हैं. 

Telegram एक पॉपुलर मैसेजिंग ऐप है, जिसका इस्तेमाल रूस, यूक्रेन, ईरान और कई देश में किया जाता है. हालांकि ये भी सच है कि Pavel Durov  की नीति की वजह से इस प्लेटफॉर्म ने आतंकवाद, चरमपंथी, स्कैमर्स और ड्रग डीलर्स आदि को अट्रैक्ट किया है. 

खुले विचारों वाले हैं Pavel Durov

Pavel Durov एक खुले विचारों वाले व्यक्ति हैं, जिसका अंदाजा उनके पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट्स से मिलता है. हाल ही में उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वह 100 से भी अधिक बच्चों के बायोलॉजिकल पिता हैं, जो दुनिया के 12 देशो में हैं. उन्होंने बीते करीब 15 साल में स्पर्म डोनेट किया. 

ऐसे हुई Telegram को बनाने की शुरुआत

Vkontakte के दौरान ही उन्होंने Telegram को बनाने की शुरुआत कर दी थी, जो कम्युनिकेशन का एक सुरक्षित तरीका होगा. इस ऐप की शुरुआत उन्होंने तब की, जब साल 2011 में उनके घर के आसपास रूसी सिक्योरिटी फॉर्स के कुछ लोग नजर आए. 

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इसके बाद रूसी सरकार ने उन्हें चेतावनी दी कि वह Vkontakte का यूजर का डेटा सौंप दें या फिर कंपनी की जिम्मेदारी छोड़ दें और इस देश से निकल जाएं. इसके बाद उन्होंने दूसरे वाले ऑप्शन को चुना और देश छोड़ दिया.

यह भी पढ़ें: क्या भारत में बैन होगा Telegram? CEO की पेरिस में गिरफ्तारी के बाद यहां भी हो सकती है जांच

कहां हुआ था जन्म ? 

Pavel Durov का जन्म 1984 में सोवियत संघ में हुआ था. इसके बाद जब वे 4 साल के थे, तब उनका परिवार नॉर्दन इटली जाकर बस गया था. उनका भाई Nikolai मैथ्स का एक बड़ा जानकार है, जो Telegram का Chief Technology Officer भी बना. इसके बाद 1990 दशक की शुरुआत में Pavel Durov दोबारा सेंट पीटर्सबर्ग लौटे, जहां वे मैथ्स कॉम्पीटीशन में हिस्सा लेते थे. 

कॉलेज के दिनों में देखा था फेसबुक का शुरुआती वर्जन

सेंट पीटर्सबर्ग में कॉलेज के दिनों में उनके एक दोस्त ने उन्हें फेसबुक का शुरुआती वर्जन दिखाया था, जिसे  Mark Zuckerberg ने तैयार किया. इसके बाद वे फेसबुक से इतने इंस्पायर हुए कि उन्होंने खुद का वर्जन तैयार करने का फैसला किया. इसके बाद उन्होंने रूस में साल 2006 में Vkontakte की शुरुआत की. कुछ ही साल के अंदर इस ऐप की पॉपुलैरिटी रूस में काफी बढ़ गई. 

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31 देशों में बैन है टेलीग्राम 

Pavel Durov के क्रांतिकारी विचार और Teleram की पॉलिसी की वजह से करीब 31 देश में बैन या फिर टेम्परेरी बैन किया हुआ है. इस ऐप में कई फीचर ऐसे हैं, जिसका कई लोग गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं.  

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