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Microsoft ने चीन में क्यों लगाई Android फोन्स पर रोक? सिर्फ iPhone पर करना होगा काम

चीन में काम करने वाले माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को अब iPhone खरीदना होगा. रिपोर्ट की मानें तो कंपनी ने कर्मचारियों को Android फोन के बजाय iPhone यूज करने के लिए कहा है. सितंबर से कर्मचारी एंड्रॉयड फोन्स पर माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस से जुड़े काम एक्सेस नहीं कर पाएंगे. कंपनी साइबर सिक्योरिटी चिंताओं की वजह से ये कदम उठा रही है.

Microsoft ने चीन में कर्मचारियों को Android से iPhone पर स्विच करने के लिए कहा है. Microsoft ने चीन में कर्मचारियों को Android से iPhone पर स्विच करने के लिए कहा है.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 9:06 AM IST

Microsoft चीन में साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. कंपनी ने चीन में अपने सभी कर्मचारियों को ऑफिस से जुड़े काम के लिए iPhone यूज करने के लिए कहा है. माइक्रोसॉफ्ट ने Android फोन इस्तेमाल कर रहे सभी कर्मचारियों को iPhone पर शिफ्ट करने के लिए कहा है. ब्लूमबर्ग ने ये जानकारी एक इंटरनल मेमो के हवाले से दी है.

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सितंबर की शुरुआत से कंपनी अपना कार्पोरेट एक्सेस चीन में एंड्रॉयड फोन्स पर रोक देगी. इससे चीन में काम करने वाले बहुत से यूजर्स पर असर पड़ेगा. ये फैसला कंपनी की ग्लोबल सिक्योर फ्यूचर इनिशिएटिव (SFI) का हिस्सा है. इसके तहत कंपनी सभी कर्मचारियों के लिए साइबर सिक्योरिटी प्रैक्टिस को स्टैंडर्ड करना चाहती है. 

आखिर क्यों लगाई Android फोन्स पर रोक?

ब्लूबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मेमो में बताया गया है कि चीन में काम कर रहे कर्मचारियों को जल्द ही आइडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए Apple डिवाइस जरूरी होगा. इस फैसले से चीन और फॉरेन मोबाइल इकोसिस्टम में पैदा हो रही दूरी साफ दिखती है. 

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दरअसल, चीन में Google Play Store उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से Huawei और दूसरे फोन मैन्युफैक्चरर्स अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. वहीं Apple के साथ ऐसा नहीं है. चीन में Apple App Store का एक्सेस मिलता है. 

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साइबर सिक्योरिटी की वजह से लिया फैसला 

रिपोर्ट की मानें तो माइक्रोसॉफ्ट ने इन डिवाइसेस में गूगल मोबाइल सर्विसेस के नहीं होने की वजह से एक्सेस ब्लॉक करने का फैसला किया है. माइक्रोसॉफ्ट में बढ़ रही साइबर सिक्योरिटी चिंताएं भी इसकी वजह हैं. ब्लूबर्ग का कहना है कि कंपनी पर लगातार सरकार समर्थित साइबर हमले हुए हैं. 

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इसकी वजह से कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. इन्हें ध्यान में रखते हुए Microsoft ने SFI को स्टैंडर्ड करने का फैसला किया है. मई में कंपनी के एक्जीक्यूटिव वायस प्रेसिडेंट चार्ली बेल ने कहा था कि सिक्योरिटी कंपनी की प्रमुख प्राथमिकता है. हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने इस तरह के किसी बदलाव के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है.

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