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Digital Arrest: महिला को एक-एक करके आईं 3 कॉल, फिर डराया, धमकाया और लगाया 14 लाख का चूना

Digital Arrest का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने शिकार बनाया. महिला को एक फेक मनी लाउंड्रिंग केस में शामिल बताया. इसके बाद गिरफ्तार करने का डर दिखाया और 5 साल तक की सजा का झूठ कहा. इसके बाद महिला घबरा गई और फिर विक्टिम के बैंक खाते से 14 लाख रुपये उड़ा लिए.

बुजुर्ग महिला के साथ साइबर ठगी. (Photo: AI Image) बुजुर्ग महिला के साथ साइबर ठगी. (Photo: AI Image)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 29 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 12:22 PM IST

Digital Arrest का एक नया केस सामने आया है, जहां मुंबई की महिला को शिकार बनाया. इसके बाद महिला को डराया, धमकाया और गिरफ्तार करने तक की धमकी दी. इसके लिए महिला पर फर्जी मनी लाउंड्रिंग के आरोप लगाए गए. आखिर में महिला को 14 लाख रुपये का चूना लगा दिया. आइए इसके बारे में जानते हैं. 

साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In की एडवाइजरी के मुताबिक, Digital Arrest में विक्टिम को एक फोन कॉल रिसीव होता है. कॉल की जगह मैसेज और ईमेल भी आ सकता है. जहां गैर कानूनी एक्टिविटी की जांच करने की जानकारी देते हैं. इसमें विक्टिम पर मनी लाउंड्रिंग या आईडी चोरी होने की जानकारी देते हैं. 

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विक्टिम को ऐसे डराया और धमकाया जाता है 

साइबर ठग इसके बाद विक्टिम को डराते-धमकाते और गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं. इसके बाद तुरंत एक्शन लेने की जानकारी देते हैं और जेल भेजने की बात कहते हैं. फिर विक्टिम की घबराहट का फायदा उठाकर वे जांच में सहयोग करने को कहते हैं. इसके बाद ऑनलाइन आने को कहते हैं और डिजिटल अरेस्ट कर लेते हैं. इसके विक्टिम का नाम चार्जशीट में रिमूव करने के बदले या फिर वेरिफिकेशन के नाम पर कुछ रुपयों की डिमांड कर देते हैं. ऐसे में आरोपी कई लाखों लोगों को चूना लगाते हैं. 

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मुंबई से सामने आया नया केस 

मुंबई में होने वाले केस की  बात करें तो पुलिस ने सोमवार को बताया है कि आरोपियों ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम डिपार्टमेंट एंड साइबर क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताया है. इसके बाद विक्टिम को एक हाई प्रोफाइल मनी लाउंड्रिंग केस में शामिल बताया और जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया. 

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महिला के पास अनजान नंबर से कॉल आई 

यह घटना 1 सितंबर से 5 सितंबर के बीच घटित हुई.शनिवार को दर्ज किए गए केस में बताया है कि विक्टिम महिला के पास एक अनजान नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलिकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताया. इसके बाद विक्टिम महिला को बताया है कि उसके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में एक केस दर्ज है. महिला को बताया कि उनके आईडी कार्ड का किसी ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया है. 

आरोपी ने खुद की पहचान क्राइम ब्रांच ऑफिसर के रूप में बताई

इसके बाद विक्टिम महिला के पास एक अन्य शख्स का कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को साइबर क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताया और खुद का नाम राकेश कुमार बताया. 

इसके बाद विक्टिम महिला को फेक पुलिस वाले ने दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी लेटर्स दिए. इसके बाद महिला को बताया कि आपको 3 से 5 साल के लिए जेल जाना पड़ सकता है. 

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इसके बाद महिला को तीसरे कॉलर का फोन आया. फोन करने वाले ने खुद की पहचान शोभा शर्मा के रूप में बताई. महिला को जांच के नाम से फंसाया. इसके बाद विक्टिम महिला से बैंक डिटेल्स, फिक्स्ड डिपॉडिट (FD) और अन्य पर्सनल डिटेल्स मांगी. 

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महिला ने तोड़ी FD 

इसके बाद विक्टिम महिला से उसकी FD तोड़ने को कहा. साथ ही म्यूचल फंड और अन्य सेविंग से रुपये निकालने को कहा. महिला ने घबराहट में आकर ये काम किए. इसके बाद महिला ने आरोपी के बताए गए अकाउंट में 14 लाख रुपये का RTGS कर दिया. कॉलर ने जांच के बाद ये रुपये रिटर्न करने का वादा किया. इसके बाद विक्टिम महिला ने जब ये बात अपने बेटे को बताई तब उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है. 

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