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OpenAI o1 और o1 Mini मॉडल हुए पेश, जवाब देने से पहले सोचते हैं ये AI

OpenAI ने अपना नया AI मॉडल पेश किया है, जो ज्यादा मुश्किल प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने पर फोकस करता है. कंपनी ने OpenAI o1 और OpenAI o1 Mini को लॉन्च किया है. इन दोनों ही AI मॉडल्स का प्रीव्यू जारी किया गया है. ये सिर्फ पेड वर्जन पर उपलब्ध होंगे. इनका इस्तेमाल आप मुश्किल रीजनिंग प्रॉब्लम्स से लेकर कोडिंग तक में कर सकेंगे.

OpenAI o1 OpenAI o1
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

OpenAI ने गुरुवार को एक नई AI सीरीज का ऐलान किया है. कंपनी ने OpenAI o1 सीरीज को पेश किया है जो मुश्किल समस्याओं को सॉल्व करने के लिए तैयार किया गया लार्ज लैंग्वेज मॉडल है. कंपनी का कहना है कि ये लगातार सीखते रहने की वजह से बेहतर रीजनिंग कैपेबिलिटी के साथ आता है. 

अभी इस मॉडल का प्रीव्यू रिलीज किया गया है. कंपनी का कहना है कि ये AI मॉडल जवाब देने से पहले विचार करता है और इसकी वजह से ही ये मुश्किल रीजनिंग प्रॉब्लम्स को भी सॉल्व कर पाता है. ये AI मॉडल साइंस, मैथ और कोडिंग के एरिया में पिछले मॉडल्स के मुकाबले ज्यादा प्रभावी है. 

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कैसे काम करता है OpenAI o1? 

कंपनी का कहना है कि OpenAI o1 रिइन्फोर्समेंट लर्निंग का इस्तेमाल करके मुश्किल समस्याओं को भी सॉल्व कर पाता है. ये AI मॉडल किसी भी जवाब से पहले थोड़ा विचार करता है और अपनी गलतियों को सुधारता है. टेस्ट में OpenAI o1 की परफॉर्मेंस फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के PhD स्टूडेंट्स से मैच हुई है. इतना ही नहीं इनकी परफॉर्मेंस मैथमेटिक्स और प्रोग्रामिंग के स्टूडेंट्स से भी मैच हुई है. 

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ये AI मॉडल GPT-4o को लगभग सभी रीजनिंग हैवी टास्क में पछाड़ देता है. सिर्फ एक सैंपल के साथ इसने AIME मैथ एग्जाम में 74 परसेंट स्कोर किया है. वहीं 64 सैंपल के बाद इसका स्कोर 83 परसेंट पहुंच गया और रि-रैंकिंग का इस्तेमाल करने के बाद स्कोर 93 परसेंट तक पहुंच गया. 

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फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉगी के GPQA डायमंड बेंचमार्क में इसने ह्यूमन PhD लेवल परफॉर्मेंस को भी पार कर लिया है. इंफॉरमेटिक्स के International Olympiad 2024 में इसका स्कोर 213 पॉइंट्स और रैंक 49वीं रही है. ये AI स्ट्रैटेजीक टेस्ट टाइम सबमिशन के साथ बेहतर परफॉर्म करता है. 

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कंपनी ने बताया है कि OpenAI o1 किसी मुश्किल समस्या को सॉल्व करने से पहले कई विचार करता है, जिससे ये उस समस्या को छोटे-छोटे स्टेप्स में बांटकर आसानी से हल कर पाता है. ज्यादा ट्रेनिंग टाइम के साथ ये लगातार इम्प्रूव हो रहा है. 

किन यूजर्स को मिलेगा इसका एक्सेस?

OpenAI ने इस o1 मॉडल को कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए तैयार किया गया है. इसका फोकस साइंस, कोडिंग और मैथ्स के एरिया में है. इसका इस्तेमाल क्वांटम ऑप्टिक्स के लिए मैथमेटिक्स फॉर्मूला जनरेट करना और डेवलपमेंट में मल्टी स्टेप वर्कफ्लो एक्जीक्यूट करने में किया जा सकेगा. 

इसका एक्सेस सिर्फ प्रीमियम यूजर्स को मिलेगा. ChatGPT Plus और टीम यूजर्स OpenAI o1 और OpenAI o1 Mini दोनों का एक्सेस मिलेगा. वहीं ChatGPT Enterprise और एडुकेशन यूजर्स के लिए ये अगले हफ्ते से उपलब्ध होगा.

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