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DeepSeek को जोड़कर फंसा Perplexity AI, CEO अरविंद श्रीनिवास ने कहा- चीन नहीं जा रहा डेटा

Perplexity AI पर DeepSeek R1 का सपोर्ट मिल रहा है. यानी R1 को आप Perplexity AI पर इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, इस अपडेट के साथ की कंपनी की डेटा पॉलिसी पर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें डेटा को चीनी सर्वर पर स्टोर करने की बात कही गई है. इस पूरे मामले में Perplexity AI के को-फाउंडर और CEO अरविंद श्रीनिवास ने जवाब दिया है. आइए जानते हैं पूरी डिटेल.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:46 AM IST

DeepSeek R1 के लॉन्च होते ही हर तरफ इसकी चर्चा शुरू हो गई है. ये AI मॉडल अब अमेरिकी स्टार्टअप Perplexity AI पर भी उपलब्ध है. यानी आप Perplexity AI पर DeepSeek AI को इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, इस इंटीग्रेशन के बाद ही Perplexity AI पर डेटा स्टोर को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसकी वजह से Perplexity AI की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. इस पॉलिसी के मुताबिक, डीपसीक यूजर्स का डेटा कलेक्ट करेगा और उन्हें अपने चीनी सर्वर पर स्टोर करेगा. इस पॉलिसी के बाद लोग Perplexity AI की सिक्योरिटी और ट्रांसपैरेंसी पर सवाल उठा रहे हैं. 

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क्या है कंपनी का कहना?

Perplexity AI के को-फाउंडर अरविंद श्रीनिवास ने X पर इसका जवाब दिया है. उन्होंने लिखा, 'Perplexity के जरिए इस्तेमाल होने वाले DeepSeek का डेटा अमेरिका और यूरोप के डेटा सेंटर में स्टोर होगा. डीपसीक ओपनसोर्स सर्विस है और आपका कोई डेटा चीन में स्टोर नहीं होता है.'

यह भी पढ़ें: कौन हैं DeepSeek के फाउंडर Liang Wenfeng? 20 महीने पुराने स्टार्टअप ने कर दिखाया ये कमाल, चीन क्यों मानता है जरूरी

इस पूरे मामला की शुरुआत एक स्क्रीनशॉट से हुई है. इस स्क्रीनशॉट में प्राइवेसी पॉलिसी के उस पॉइंट को हाईलाइट किया गया है, जिसके मुताबिक यूजर्स का पर्सनल डेटा और यूजर्स इनपुट चीनी सर्वर पर स्टोर होगा. इस पॉइंट की वजह से ही लोग Perplexity AI पर सवाल उठा रहे हैं. 

इस पर जवाब देते हुए श्रीनिवास ने कहा कि DeepSeek उनके मॉडल के जरिए काम करता है, जो यूरोप और अमेरिका में बेस्ड है. Perplexity मैनेजमेंट इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है कि यूजर्स का कोई डेटा चीन में स्टोर ना हो. बता दें कि डीपसीक की पॉपुलैरिटी को देखते हुए Perplexity AI ने उसे अपने प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट किया है. 

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कंपनी ने इस बारे में X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'DeepSeek R1 अब Perplexity पर उपलब्ध है, जिससे यूजर्स को डीप वेब रिसर्च का सपोर्ट मिलेगा. प्लेटफॉर्म पर आपको एक नया प्रो सर्च रीजनिंग मोड मिलेगा. यहां से यूजर्स R1 और OpenAI o1 दोनों को ही चुन सकते हैं.'

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चर्चा में है DeepSeek R1 

दरअसल, DeepSeek R1 की चर्चा की वजह इसकी कीमत है. जहां OpenAI और दूसरी कंपनियों के AI मॉडल्स को तैयार करने में कंपनियों को अरबों डॉलर खर्च करने पड़े. वहीं चीनी DeepSeek को महज कुछ लाख डॉलर में तैयार कर लिया गया है. यही वजह है कि अमेरिकी शेयर में मार्केट में भी हाहाकार मचा हुआ है.

Nvidia के शेयर में इस AI मॉडल के लॉन्च होते ही भारी गिरवाट आई है. गिरावट की वजह ये है कि Nivida के चिप के चीन एक्सपोर्ट पर रोक है. वहीं कंपनी पावरफुल AI चिपसेट बनाती है, जिसका इस्तेमाल OpenAI जैसी कंपनी करती है. चीनी AI ने कम लागत में बिना प्रीमियम चिपसेट के ही इस AI मॉडल को बनाया है, तो OpenAI और Gemini को टक्कर दे रहा है.

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