Advertisement

Russia Ukraine War: Apple और Google के बाद एक और कंपनी ने दिया रूस को झटका, बंद की इंटरनेट सर्विस

Russia Ukraine News: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में रूस पर लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इंटरनेट प्रोवाइडर Cogent Communication ने रूस में अपनी सर्विस बंद कर दी है. इसके बाद यहां इंटरनेट की दिक्कत होगी.

Internet Internet
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST
  • Russia में Cogent ने बंद की अपनी सर्विस
  • धीमी हो जाएगी इंटरनेट की रफ्तार
  • कई टेक कंपनियां लगा चुकी हैं प्रतिबंध

Russia और Ukraine जंग में टेक्नोलॉजी कंपनियां रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रही हैं. Facebook की कंपनी Meta, माइक्रोब्लॉगिंग साइट Twitter, Apple और Google जैसी कंपनियों ने रूस में कई सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. अब रूस में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड Cogent Communications ने रोक लगाई है.

Cogent Communications को आप इंटरनेट बैकबोन भी समझ सकते हैं. रूस समेत दुनियाभर के कई बड़े हिस्से में Cogent Communications इंटरनेट प्रोवाइड करने का काम करता है. यूक्रेन पर रूस के हमले के जवाब में Cogent Communications ने रूस में अपनी सर्विस रोक दी है.

Advertisement

The Washington Post की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका बेस्ड यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट प्रोवाइडर कंपनियों में से एक है. रूस की कई हाई-प्रोफाइल कंपनियों के साथ-साथ यह कंपनी 50 से ज्यादा देशों में अपनी सर्विस प्रोवाइड करती है. 

क्या है कंपनी का कहना?

रूसी कस्टमर्स को लिखे अपने पोस्ट में कंपनी ने 'आर्थिक प्रतिबंध' और 'सिक्योरिटी स्थिति में पैदा हुई अनिश्चिता' को सर्विस बंद करने की वजह बताया है. रिपोर्ट्स की मानें तो Cogent Communications ने EU के बैन को ध्यान में रखते हुए रूसी कस्टमर्स से अपने कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट किए हैं.

सर्विस बंद करने से क्या होगा असर?

रूस में Cogent की सर्विस बंद होने के बाद क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी स्लो हो जाएगी, लेकिन पूरी तरह से इंटरनेट बंद नहीं होगा.  हालांकि, इसके बाद Cogent Communications के कस्टमर्स का बोझ भी दूसरे प्रोवाइडर्स पर आएगा, जिससे इंटरनेट स्पीड कम हो जाएगी.

Advertisement

इस बात की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है कि दूसरे सर्विस प्रोवाइडर्स भी अपनी सर्विस रूस में बंद करेंगे या नहीं. डिजिटल राइट्स एक्टिविस्ट ने Cogent Communications के इस फैसले की आलोचना की है. एक्टिविस्ट का कहना है कि इससे रूसी नागरिकों को हमले की सही जानकारी नहीं मिलेगी. 

रूस पहले ही मुश्किल कर चुका है सोशल मीडिया एक्सेस

रिपोर्ट्स की मानें तो, रूस में सरकार ने पहले ही आम नागरिकों के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी को मुश्किल कर दिया है, जिससे उन्हें सोशल मीडिया या दूसरे प्लेटफॉर्म्स से जानकारी ना मिले. शुक्रवार को रूस ने 'Fake News' को लेकर एक नया लॉ पास किया, जिसके बाद फेसबुक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. इसके अलावा रूस ने Twitter के एक्सेस को भी रोक दिया है, जबकि Wikipedia को ब्लॉक करने की चेतावनी दी है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement