
पूरी दुनिया में AI को लेकर काम हो रहा है. दुनिया में टेक जगत की दिग्गज कंपनियां इस दिशा में काम कर रही हैं.Google ने जहां Gemini को तैयार किया है, वहीं Apple ने Apple Intelligence और कोरियाई कंपनी Samsung ने Galaxy AI को तैयार किया है.
Samsung ने AI को लेकर हाल ही में एक सर्वे किया, जिसमें उसने कई बड़े खुलासे किए हैं. उसने बताया है कि आने वाले दिनों में इंसान कैसे AI की मदद से अपने जीवन जीने का तरीका बदलेगा और यह हेल्थ को भी बेहतर करने का काम करेगा.
हाल ही में Samsung ने एक रिसर्च आयोजन का आयोजन किया, जिसमें पांच अलग-अलग देशों से 5 हजार लोगों को शामिल किया गया. यहां देखा गया कि लोगों की जिंदगी पर AI का क्या असर पड़ता है और वे इसे कैसे एडॉप्ट करते हैं.
स्डटी से खुलासा हुआ कि Mobile AI यूज और जीवन को बेहतर करने के तरीके में काफी अच्छा संबंध मिलता है. इसकी मदद से यूजर्स अपनी जिंदगी को बेहतर कर सकते हैं. इसके साथ वे अपनी क्रिएटिविटी, प्रोडक्टिविटी और सोशल रिलेशनशिप को बेहतर कर सकते हैं. साथ ही भाषा के रूप में आने वाली रुकावट को भी दूर कर सकते हैं.
रिसर्च में में बताया कि 52 पर्सेंट लोग चाहते हैं कि वे भविष्य में इस्तेमाल होने वाले कामों में इन्हें इस्तेमाल करेंगे. वहीं 16 पर्सेंट यूजर्स ऐसे हैं, जिन्होंने लगातार mobile AI का इस्तेमाल किया.
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इसके अलावा 54 पर्सेंट लोगों ने AI का इस्तेमाल अपनी क्रिएटिविटी दिखाने में किया है. करीब आधे लोगों ने इसका इस्तेमाल इंफोर्मेशन लेने और नोट्स आदि बनाने में किया है. वहीं 56 पर्सेंट लोगों ने AI का इस्तेमाल ट्रांसलेशन में किया, ताकि वह भाषाई बाधाओं को पार किया.
Samsung का human-centric AI का उद्देश प्रैक्टिकल और अलग-अलग काम को पूरा करना है. इस पर सैमसंग इलेक्ट्रोनिक्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Won-Joon Choi ने काफी जोर दिया और इसे ह्यूमन सेंट्रिक बताया. लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर चेरिस ब्रोअर ने बताया कि Mobile AI का इस्तेमाल एजुकेशन सेक्टर में किया है. इसकी मदद से क्रिएटिविटी, प्रोडक्टिविटी, सोशल रिलेशनशिप और फिजिकल हेल्थ को बेहतर किया जा सकता है.
सैमसंग के इस सर्वे को बड़े ही सुनियोजित तरीके से किया गया. इस सर्वे में फ्रांस, जर्मनी, कोरिया, UK और अमेरिका (US) से लोगों को शामिल किया गया. सर्वे में बताया कि Mobile AI का कैसे-कैसे किया है.
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इस रिसर्च से बड़ा ही खुलासा हुआ है. इस स्टडी में AI अपनाने वाले को दो कैटेगरी में बांटा गया है. इसमें पहला ग्रुप वो है, जो फ्रीक्वेंटली यूज कर रहा है, जबकि दूसरे रेयर यूजर का है. फ्रीक्वेंट यूजर्स 16 पर्सेंट रिस्पोंस करते हैं, जबकि रेयर की संख्या बहुत ही कम है.
साउथ कोरिया में 76 पर्सेंट यूजर्स फ्रीक्ववेंटली AI का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसको लेकर वे पॉजिटिव सोच रखते हैं. यहां AI को सबसे ज्यादा एडॉप्ट किया जा रहा है. ग्लोबल स्तर पर एडॉप्शन का रेट 52 पर्सेंट का है. कोरिया का यूजर्स जहां इसके फायदे उठा रहा है, उसके साथ वह इसके खतरों को भी चिह्नित कर रहा है.