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एंड्रॉयड और iOS स्मार्टफोन यानी iPhone में कुछ अंतर हैं. इनमें से एक लाइटनिंग पोर्ट है. यह पोर्ट चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर दोनों का काम करता है. एंड्रॉयड डिवाइसेस में हमें दो तरह के पोर्ट माइक्रो यूएसबी पोर्ट और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट देखने को मिलते हैं. हालांकि, Ken Pillonel नाम के एक व्यक्ति ने इस अंतर को खत्म कर दिया है. Pillonel ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में लाइटिंग पोर्ट लगा दिया है.
उन्होंने ऐसा पहली बार नहीं किया है. इससे पहले उन्होंने iPhone में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट लगाया था. लाइटनिंग पोर्ट iPhone, iPads और ऐपल ईकोसिस्टम के कुछ दूसरे प्रोडक्ट्स में देखने को मिलता है. ऐपल आईफोन USB टाइप-सी पोर्ट के साथ नहीं आते हैं, लेकिन Pillonel ने पिछले साल एक मॉडल में इसे लगाने में सफल हुए थे.
एंड्रॉयड फोन में इन पोर्ट्स को लगाने की वजह यह चेक करना था कि क्या लाइटनिंग पोर्ट्स की मदद से एंड्रॉयड स्मार्टफोन को चार्ज किया जा सकता है और क्या इससे डेटा ट्रांसफर हो पाता है.
Pillonel ने इसका एक शॉर्ट डेमो वीडियो भी YouTube पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने Samsung Galaxy A51 का ट्रांसफॉर्मेशन दिखाया है. उन्होंने Samsung Galaxy A51 में लाइटनिंग पोर्ट लगाया और इसे ऐसे पोर्ट वाला पहला एंड्रॉयड फोन बना दिया है.
यानी इस फोन को चार्ज करने के लिए आप ऐपल का चार्जर यूज कर सकते हैं. अल्ट्रा फास्ट चार्जिंग की मदद से इस फोन को USB-C 2.0 के मुकाबले ज्यादा तेज चार्ज किया जा सकता है.
इससे पहले iPhone 13 Pro Max का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें USB-C पोर्ट, 3.5mm हेडफोन जैक, बड़ी बैटरी और डुअल कूलिंग फैंस जैसे फीचर इंस्टॉल किए गए हैं. मॉडिफायड iPhone 13 Pro Max ओरिजनल मॉडल के मुकाबले थोड़ा मोटा है, क्योंकि इसमें एडिशनल बैटरी और दो कूलिंग फैंस जोड़े गए हैं. ऐडिशनल बैटरी की वजह से इस फोन की बैटरी लाइफ भी बढ़ गई और इसके बेंचमार्किंग स्कोर में भी इजाफा हुआ है.