
मंगलवार को लगभग एक घंटे तक दुनिया की सैकड़ों बड़ी वेबसाइट क्रैश कर गईं. इनमें रेडिट, ऐमेजॉन रीटेल से लेकर सीएनएन जैसे इंटरनेशनल न्यूज चैनल्स की वेबसाइट भी शामिल थीं.
शुरुआत में तो ऐसा लगा कि ग्लोबल इंटरनेट आउटेज शुरू हो गया, लेकिन बाद में पता चला कि ये CDN (कंटेंट डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क) में हुई गड़बड़ी की वजह से हुआ.
अब सवाल ये है कि ये अलग अलग वेबसाइट्स हैं तो एक साथ कैसे ठप हो गईं? इसका जवाब Fastly नाम की एक कंपनी. ये अमेरिका की कंपनी है जो क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रोवाइड करती है और ये वेबसाइट्स को सीडीएन सर्विस देती है.
रेडिट, स्पॉटिफाई, कोरा, पेपल, शॉपिफाई, सीएनएन, द गार्डियन, न्यू यॉर्क टाइम्स, बीबीसी और फिनांशिल टाइम्स सहित सैकड़ों वेबसाइट इस सीडीएन ग्लिच से ठप रहे. इन सभी ने फास्टली नाम की कंपनी से सीडीएन सर्विस ले रखा है.
इस कंपनी ने दिक्कत होते ही एक अपडेट जारी किया. इस अपडेट में कहा गया कि कंपनी को वेबसाइट क्रैश होने की जानकारी है और इसकी जांच कर रही है.
इन वेबसाइट ने Fastly से सीडीएन सर्विस लिया है...
दरअसल Fastly नाम की ये कंपनी इन सभी वेबसाइट्स को सीडीएन प्रोवाइड करती है. दिक्कत सीडीएन में ही थी, इसलिए ये वेबसाइट क्रैश कर गईं. अब सवाल ये है कि सीडीएन क्या है?
CDN या कॉन्टेंट डिलिवरी नेटवर्क जिसे कॉन्टेंट डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क भी कहा जाता है. साधारण शब्दों में सीडीएन के बारे में कहें तो ये ये समझ लें कि इसकी वजह से आप ग्लोबल वेबसाइट को तेजी से ऐक्सेस करते हैं.
ग्लोबल वेबसाइट्स के लिए ज्यादा जरूरी है सीडीएन...
उदाहरण के तौर पर ग्लोबल वेबसाइट्स यानी जिन वेबसाइट्स के यूजर्स दुनिया भर में होते हैं उन्हें सीडीएन की जरूरत होती है. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में आपने एक वेबसाइट बनाई है जिसके यूजर्स अमेरिका, कनाडा और फ्रांस भी होंगे. भारत और अमेरिका या फ्रांस एक दूसरे से काफी दूर हैं. ऐसे में आपकी वेबसाइट को ऐक्सेस करने में उन्हें ज्यादा समय लगेगा.
सीडीएन प्रोवाइडर्स दरअसल ग्लोबल वेबसाइट्स को अपनी सर्विस देते हैं. ये कंपनियां दुनिया के अलग अलग जगहों पर अपने सर्वर लगा कर रखते हैं.
अगर आपने किसी कंपनी से सीडीएन ले रखा है तो आपकी वेबसाइट ज्यादा फास्ट ओपन होगी यानी ग्लोबल यूजर्स इसे आसानी से ऐक्सेस कर सकेंगे. क्योंकि उस सीडीएन प्रोवाइडर ने दुनिया के अलग अलग जगहों पर अपने सर्वर्स लगा रखे हैं.
सीडीएन का काम क्या होता है?
सीडीएन का एक काम ये भी होता है कि वो कंटेंट कैशिंग करते हैं. कंटेंट कैशिंग के तहत डेटा को बेहतर परफॉर्मेंस के लिए पास के सर्वस से भेजा जाता है.
यानी यूजर को वेबसाइट से कंटेंट चाहिए तो उसे आपके दिल्ली के सर्वर की जरूरत नहीं होगी और सीडीएन के तहत वो आस पास के सर्वर से कंटेंट ऐक्सेस कर लेगा.
दिल्ली की एक वेबसाइट जिसने सीडीएन सर्विस ले रखा है, उसे अगर अमेरिका में बैठा कोई शख्स ओपन करता है तो मुमकिन है वो सीडीएन के तहत अमेरिका के ही सर्वर के जरिए आपकी वेबसाइट के साथ इंटरऐक्ट कर रहा है. इससे वो आपकी वेबसाइट तेजी से ओपन कर सकेगा.
सीडीएन से कुछ सिक्योरिटी भी इंप्रूव होती है और इससे आपके मुख्य सर्वर का बैंडविथ भी कम खर्च होता है. इससे वेबसाइट फास्ट होती है और थोड़ा सिक्योरिटी भी इससे ऐड हो जाता है.
दुनिया की कई कंपनियां हैं जो सीडीएन सर्विस देती हैं जिनमें क्लाउड फेयर, ऐमेजॉन क्लाउड फ्रंट, अकामाइ और की सीडीएन शामिल हैं.