
ऑनलाइन फ्रॉड्स के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन कुछ ना कुछ नया सामने आता है. कभी ओटीपी के नाम पर ठगी, तो कभी कस्टमर्स केयर का नंबर सर्च करते हुए फ्रॉड हो रहा है. हाल में एक नया मामला मुंबई से सामने आया है. यहां एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से लाखों रुपये की ठगी हुई है.
मामला मुबंई के बोरीवली ईस्ट का है. जहां एक पूर्व बैंककर्मी से साइबर ठगों ने 9 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की है. मामले में FIR रजिस्टर कर ली गई है. दाहीसार पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 419 और 420 और IT एक्ट के सेक्शन 66 (सी) और 66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. ठगी का शिकार हुई पीड़ित महिला को एक वॉट्सऐप लिंक भेजी गई थी, जिसमें उन्होंने अपनी इंटरनेट बैंकिंग डिटेल्स भरी थी. इसमें बैंक यूजर आईडी और पासवर्ड जैसी डिटेल्स भी मांगी गई थी.
पीड़िता खुद रिटायर्ड बैंक कर्मचारी हैं. पुष्पलता प्रदीप ने प्रोविडेंट फंड की सेविंग को फिक्स डिपॉजिट किया था. उन्हें फिक्स डिपॉजिट से संबंधित कुछ दिक्कतें हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने बैंक में ऑनलाइन शिकात करने का फैसला किया.
यूनियन बैंक की साइट पर शिकायत दर्ज करते हुए उन्हें बार-बार एरर का सामना करना पड़ रहा था. इस प्रॉसेस में पीड़िता ने अपना फोन नंबर मेंशन किया था. जिसके बाद उनके नंबर पर दो कॉल्स आई.
ये कॉल फ्रॉडस्टर्स की ओर थी, जिन्होंने कुछ को बैंक एक्जीक्यूटिव बताया. ठगों ने उन्हें बताया की वॉट्सऐप पर एक लिंक भेजा गया है. कॉलर ने उन्हें लिंक ओपन करके ऐप डाउनलोड करने को कहा और उस पर अपने शिकायत दर्ज को बोला.
पुष्पलता ने ऐप डाउनलोड करने के तरीके पर सवाल भी उठाया, लेकिन ठगों उन्हें अपनी बातों में फंसा लिया और ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा. पीड़िता की इस गलती का फायदा ठगों ने उठाया और उनके अकाउंट्स पैसे ट्रांसफर कर लिए.
पीड़िता ने बताया, 'मैंने एक ऐप डाउनलोड किया, जिसमें एक फॉर्म खुला. इस फॉर्म में मैंने अपने इंटनेट बैंकिंग लॉगइन पासवर्ड डिटेल्स और यूजर आईडी एंटर की. जैसे ही मैंने ये फॉर्म सबमिट किया, एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि पैसे डेबिट हो गए हैं.'
जैसे पीड़िता को पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है, उन्होंने अपना फोन ऑफ कर दिया और दूसरे फोन से यूनियन बैंक कॉल सेंटर में फोन करके इसकी जानकारी दी.
इंटरनेट और ऑनलाइन हो चुके इस दौर में ऐसी घटनाएं हर दिन सामने आती हैं. ऐसे में यूजर्स को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. आपको किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचना चाहिए.
यूजर्स को हमेशा ट्रस्टेड सोर्स से ही किसी ऐप को डाउनलोड करना चाहिए. वहीं किसी अननोन लिंक्स पर क्लिक ना करें. इससे हैकर्स आपके फोन में सेंधमारी कर सकते हैं.