राज्यसभा में डेटा प्रोटेक्शन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश होने के बाद इस पर कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है. पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट पर्सनल और नॉन-पर्सनल दोनों डेटा से डील करेगा. इसमें सिफारिश की गई है डेटा ब्रीच की रिपोर्टिंग के लिए 72 घंटे का समय दिया जाना चाहिए. इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जो बिचौलियों के तौर पर काम नहीं करते हैं उन्हें पब्लिशर माना जाए और उनकी ओर से होस्ट किए जाने कंटेंट के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाए. ये बिल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट पर्सनल और नॉन-पर्सनल दोनों डेटा से डील करेगा. इसके अलावा भी इसके कई फायदे होंगे. जानें क्या है डेटा प्रोटेक्शन बिल.