
Google Chrome का बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं. पर्सनल कम्प्यूटर पर ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले वेब ब्राउजर्स में से एक है. इसे लेकर सरकारी एजेंसी ने एक वार्निंग जारी की है. इस ब्राउजर में एक नई सिक्योरिटी खामी पाई गई है, जो दुनियाभर के लाखों यूजर्स को प्रभावित कर सकती है.
इस वल्नेरेबिलिटी को लेकर CERT-In की वार्निंग जारी की है. एजेंसी ने 8 मार्च को रिलीज अपनी रिपोर्ट में इस खामी की जानकारी दी है. CERT-In ने कहा है कि गूगल क्रोम में कई वल्नेरेबिलिटी को स्पॉट किया गया है, जिसका फायदा एक रिमोट अटैकर उठा सकता है.
अटैकर इस वल्नेरेबिलिटी की मदद से आर्बिट्रेरी कोड एक्जीक्यूट कर सकते हैं या फिर DoS (Denial of Service) कंडीशन का इस्तेमाल सिस्टम को टार्गेट करने के लिए कर सकते हैं. अपनी रिपोर्ट में CERT-In ने बताया है कि गूगल क्रोम ब्राउजर में ये दिक्कत FedCM कंपोनेंट में मौजूद यूज आफ्टर फ्री एरर की वजह से है.
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एक रिमोट अटैकर इस वल्नेरेबिलिटी का फायदा स्पेशल क्राफ्टेड वेब पेज को टार्गेटेड सिस्टम पर भेजकर उठा सकता है. CERT-In की मानें तो इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स कई तरह से सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. इसका असर क्रोम के विंडोज और मैक दोनों ही वर्जन पर देखने को मिला है.
हालांकि, गूगल ने इस सिक्योरिटी खामी को स्वीकार कर लिया है और Google Chrome का नया वर्जन रिलीज कर दिया है. बेहतर होगा कि आप जल्द से जल्द Google Chrome ब्राउजर को अपडेट कर लें.
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