
आप अपने स्मार्टफोन को कहां-कहां इस्तेमाल करते हैं. मसलन लंच करते हुए आप स्क्रीन पर कुछ स्क्रॉल कर रहे होते हैं. कई बार टॉयलेट में आप स्मार्टफोन को यूज करते हैं. कुछ कामों को छोड़ दिया जाए, तो स्मार्टफोन लगभग हर वक्त आपके साथ रहता है. हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका यह स्मार्टफोन शरीर के किसी हिस्से के जैसा हो चुका है.
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस स्मार्टफोन को आप अपने इतने करीब रखते हैं, वो कितना खतरनाक हो सकता है. इस बार हम स्मार्टफोन एक्सप्लोड होने जैसे रिस्क की बात नहीं कर रहे हैं.
बल्कि हमारी चर्चा का विषय स्मार्टफोन हाइजीन को लेकर है. आपके डिवाइस पर कितने बैक्टीरिया होते हैं? इसकी कल्पना भी शायद आपने पहले नहीं की होगी. कल्पना कर लें तो शायद आप इसे अपने चेहरे और मुंह के पास नहीं लेकर जाएंगे.
आप जिस हैंडसेट या स्मार्टफोन का अपने लिए इतना खास बना चुके हैं, वो कीटाणु का ब्रीडिंग ग्राउंड हो सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो ये बैक्टीरिया का ब्रीडिंग ग्राउंट होता ही है. इससे भी बुरा ये है कि इस बात से अनजान आप बैक्टीरिया से भरे हुए फोन को अपने चेहरे के कितने करीब रखते हैं.
एरिजोना यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट्स ने पाया है कि यूजर्स का स्मार्टफोन किसी सामान्य टॉयलेट सीट के मुकाबले 10 गुना ज्यादा गंदा होता है. एक अन्य स्टडी में पाया गया है कि हाई स्कूल के किसी बच्चे के फोन पर औसत 17 हजार बैक्टीरिया जीन हो सकते हैं.
अगली बार आप जब स्मार्टफोन को अपने मुंह और चेहरे के करीब लाएं, तो इस पर मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणुओं के बारे में भी सोच लें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूजर्स को रेगुलर अपने स्मार्टफोन को साफ करते रहना चाहिए. फोन को साफ करने के लिए मार्केट में कई प्रोडक्ट्स आते हैं.
ध्यान रहे कि आपको फोन को पानी में धुल नहीं देना है. बल्कि फोल क्लीनिंग किट की मदद से इसे साफ रखना है. इसके लिए आप स्मार्टफोन सैनेटाइजेशन भी कर सकते हैं. मार्केट में कई UV लाइट वाले प्रोडक्ट्स आते हैं, जो स्मार्टफोन पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं.